नई दिल्ली। पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों की वोटिंग थमते ही आये एक्जिट पोल से भाजपा की धड़कनें तेज हो गयीं हैं वहीं दूसरी तरफ लुप्त होने की कगार पर पहुंच चुकी कांग्रेस को संजीवनी मिल गयी है। माना जा रहा है कि एससी एसटी एक्ट और भाजपा के नेताओं के भगवान पर आपत्तिजनक भाषा प्रयोग होेने की वजह से भाजपा का कोर वोटर उससे छिटक चुका है। उल्लेखनीय है कि देश के पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद शुक्रवार को आए एग्जिट पोल्स से बहुत मिले-जुले संकेत सामने आए। लोकसभा चुनाव से पहले इन राज्यों में जीत के लिए बीजेपी और कांग्रेस ने अपनी कोई कसर नहीं छोड़ी है। हालांकि इन एग्जिट पोल में बीजेपी के लिए अच्छे संकेत नहीं मिले है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान की सत्ता पर काबिज बीजेपी की विदाई होती नजर आ रही है। जबकि कांग्रेस पूर्णबहुमत के साथ सत्ता के सिंहासन पर वापसी करती दिख रही है।
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए पहली बार एग्जिट पोल्स में बीजेपी के सामने बड़ी सफलता मिलने का अनुमान है। अगर 11 दिसंबर को यही नतीजे रहे तो राहुल गांधी को आम चुनाव से ठीक पहले सफलता का टॉनिक मिलेगा, जिसकी कांग्रेस को सख्त जरूरत थी। इससे 2019 से पहले राहुल स्थापित होंगे और विपक्षी दलों के बीच उनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। हालांकि कांग्रेस एमपी, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में आसानी से बढ़ती नहीं दिख रही है क्योंकि कांग्रेस के पास सीएम पद के चेहरे नहीं थे जबकि बीजेपी के पास चेहरे होने की वजह से उसे फायदा मिला।
1. मध्य प्रदेश में मामा शिवराज की राह मुश्किल
मध्य प्रदेश की सत्ता में 15 साल से काबिज बीजेपी का दुर्ग दरकता नजर आ रहा है। इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल के मुताबिक प्रदेश में कांग्रेस और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। लेकिन कांग्रेस मामूली बढ़त के साथ आगे है। पोल के मुताबिक 230 सदस्यीय विधानसभा में बीजेपी को 102 से 120 सीट और कांग्रेस 104 से 122 सीटें मिलने का अनुमान है। जबकि बसपा को 3 और अन्य को 3 से 8 सीटें मिलने का अनुमान है। सनद रहे कि 2013 के चुनाव में बीजेपी को 165 और कांग्रेस को 58 सीटें मिली थीं।
2. राजस्थान : मोदी से बैर नहीं वसुंधरा तेरी खैर नहीं
इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल के मुताबिक राजस्थान में बीजेपी को करारी मात मिलती दिख रही है। सूबे की कुल 200 विधानसभा सीटों में कांग्रेस के खाते में 119 से 141 सीटें जाती दिख रही हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के नेतृत्व में बीजेपी को 55 से 72 सीटें मिल सकती हैं। यही नहीं, बाकी आए एक्जिट पोल में भी बीजेपी की हार दिख रही है। जबकि 2013 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को 163 सीटें हासिल हुई थीं। ऐसे में सवाल उठता है कि एक्जिट पोल अगर नतीजों में बदलते हैं तो राजस्थान में बीजेपी की हार का ठीकरा किसके सिर फूटेगा। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की जिम्मेदारी होगी या फिर पार्टी के आला नेता की। हालांकि प्रदेश में मोदी से बैर नहीं वसुंधरा तेरी खैर नहीं के नारे लग रहे थे।
3. छत्तीसगढ़ में चावल बाबा की विदाई
इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया एग्जिट पोल छत्तीसगढ़ की सत्ता पर 15 साल से काबिज बीजेपी को करारी मात मिलती दिख रही है। राज्य की 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 55 से 65 सीटें और बीजेपी को 21 से 31 सीटों के बीच ही संतोष करना पड़ सकता है। जबकि अन्य को 4 से 8 सीटें मिलने की संभावना है। पोल के मुताबिक मुख्यमंत्री रमन सिंह की सत्ता से विदाई तय है।
वहीं माना जा रहा है कि लोकसभा चुनावों से पहले भाजपा की हार 2019 की राह भी मुश्किल कर सकती है। क्योंकि इन विधानसभाओं में इतनी सीटें हैं जो भाजपा ज्यादातर तौर पर जीतती रही है। अगर लोकसभा में भी यही हाल रहता है तो कांग्रेस के गठबंधन का दोबारा सत्ता में आना तय माना जा रहा है।