कोमल का कबूलनामा…’मुझे मां-बाप से नफरत थी, इसलिए मारा’, कोई अफसोस नहीं

कानपुर। सोमवार रात हुए दंपती हत्याकांड में गला रेतकर हत्या करने वाले आरोपी रोहित उत्तम को पुलिस ने बुधवार तड़के भोगनीपुर (कानपुर देहात) से गिरफ्तार कर लिया। वारदात की साजिश में रोहित का भाई राहुल उत्तम भी शामिल था जो मिलिट्री इंटेलीजेंस में असिस्टेंट एंबुलेंस ऑपरेटर है और गोवा में तैनात है। दंपती की गोद ली हुई बेटी हत्यारोपी कोमल के दोनों भाइयों से प्रेम संबंध थे।
पुलिस पूछताछ में आरोपी बेटी कोमल ने कबूल किया कि उसे मां-बाप की हत्या करने का कोई अफसोस नहीं है। पूछताछ के दौरान आरोपी के चेहरे पर जरा भी शिकन नहीं दिखाई दी। वहीं, आरोपी रोहित ने भी पुलिस के सामने चौंकाने वाले राज उगले। उसने कहा कि मुझे वारदात का कोई अफसोस नहीं है।
आरोपी बेटी को पुलिस ने गिरफ्तार किया

कोमल का कबूलनामा
– मेरे मां-बाप मुझे प्रताड़ित करते थे। हर बात पर टोकते थे। भाई की आगे मेरी कोई वैल्यू नहीं थी। इसलिए मैं उनसे नफरत करती थी। उनको मार दिया। इसका मुझे कोई अफसोस नहीं है..।

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– भाई अनूप को मां-बाप ने सिर पर चढ़ा रखा था। सब उसी की बात मानते थे। ऐसा लगता था कि पूरी जायदाद भी उसी के नाम कर दी जाएगी। हर वक्त प्रताड़ित किया जाता था। खासकर मां राजदेवी ऐसा करती थीं। इसलिए मुझे दोनों से नफरत थी।

– राहुल और रोहित दोनों ने मां-बाप की हत्या करने की मुझे सलाह दी थी। जब से यह बात बोली थी तबसे मैं हर वक्त इसी बारे में सोचती रहती थी। मुझे ऐसा लगता था कि ये दोनों रास्ते से हट जाएंगे उसके बाद जिंदगी बेहतर ढंग से चलेगी लेकिन यह नहीं पता था कि इतनी जल्दी पुलिस पकड़ लेगी।

पुलिस की गिरफ्त में आरोपी बेटी

करती रही गुमराह, नहीं थी चेहरे पर शिकन
पूछताछ के दौरान कोमल का व्यवहार देख जांचकर्ता हैरान रह गए। नृशंस हत्या करने के बाद भी उसके माथे पर न तो शिकन थी न ही अफसोस। पहले कई घंटे तक वह पुलिस अधिकारियों को गुमराह करती रही।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी बेटी

अपने कुशवाहा दोस्त पर आरोप मढ़ती रही। कहानी गढ़ी कि वह दो साथियों के साथ आया था और मां-बाप की हत्या कर फरार हो गया। जब साक्ष्यों को सामने रखकर पुलिस ने पूछताछ की तो वह सच बोलने लगी।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी रोहित

रोहित बोला-कोमल और राहुल ने साजिश रची, मैंने वही किया जो उन्होंने कहा
-हत्या की साजिश मेरे भाई राहुल ने ही रची थी। वह उसमें बस शामिल हो गया था। जैसा भाई और कोमल कहते गए वह वैसा करता रहा।
-मैं कोमल से प्यार करता था, उसने जो कहा मैंने वही कहा। मुझे वारदात का कोई अफसोस नहीं है… हत्या करते वक्त डर भी नहीं लगा।
-कोमल ने मुझसे कहा था कि दोनों की हत्या के बाद करोड़ों की प्रॉपर्टी हमारी हो जाएगी।
-अनूप को जूस में जहर देकर मारना चाहते थे, लेकिन वह सिर्फ बेहोश ही हुआ था। अगर दोनों लोग जहर पीने से मर जाते तो मुझे उनकी गर्दन नहीं काटनी पड़ती।

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