नई दिल्ली। टेलीकॉम कंपनियां आने वाले महीनों में टैरिफ प्लान की कीमतों में बढ़ोतरी कर सकती हैं।इन्वेस्टमेंट इनफार्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी (ICRA) के रिपोर्ट के अनुसार आगामी 1 अप्रैल से शुरू हो रहे वित्त वर्ष 2021-22 में अपने रेवेन्यू को बढ़ाने के लिए कंपनियां एक बार फिर टैरिफ महंगे कर सकती हैं। हालांकि इनकी कीमतों में कितनी बढ़ोतरी की जाएगी इसको लेकर कुछ नहीं कहा गया है।
ICRA का कहना है कि टैरिफ में बढ़ोतरी और ग्राहकों का 2G से 4G में अपग्रेडेशन से एवरेज रेवेन्यू पर यूजर (ARPU) बढ़ने की संभवना है। साल के बीच तक यह करीब 220 रुपए हो सकता है। इससे अगले 2 साल में इंडस्टी का रेवेन्यू 11 से 13% और वित्त वर्ष 2022 में आपरेटिंग मार्जिन करीब 38% बढ़ेगा।
2019 में टैरिफ की दरें बढ़ाई गई थीं
बता दें कि साल 2016 में टेलीकॉम मार्केट में जियो के आने से जबरदस्त प्राइस वार शुरू हुआ था, जिसके बाद 2019 में पहली बार कंपनियों ने टैरिफ बढ़ाये थे। टेलीकॉम कंपनियों ने दिसंबर 2019 में टैरिफ की दरें बढ़ाई थीं।
कमाई के मामले में एयरटेल सबसे आगे
टेलीकॉम कंपनियों में सबसे ज्यादा वैल्यूएबल सब्सक्राइबर (ARPU) भारती एयरटेल के हैं। वह हर सब्सक्राइबर से 166 रुपए कमाती है और यह आंकड़ा अक्टूबर-दिसंबर तिमाही का है। इस मामले में दूसरे नंबर पर रिलायंस जियो और तीसरे नंबर पर वोडा आइडिया है। पिछली तिमाही में जियो को हर सब्सक्राइबर से 151 रुपए जबकि वोडा आइडिया को 121 रुपए की कमाई हुई थी। इसी ARPU से पता चलता है कि टेलीकॉम कंपनियों में कौन ज्यादा प्रॉफिटेबल है।
लॉकडाउन का इंडस्ट्री पर कम रहा असर
कोरोना महामारी के कारण अधिकतर इंडस्ट्री पर बुरा प्रभाव पड़ा लेकिन टेलिकॉम इंडस्ट्री पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा। लॉकडाउन में डाटा यूजेज और टैरिफ में बढ़ोतरी के कारण स्थिति में सुधार हुआ। वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन स्कूल, कंटेट वाचिंग ऐड के कारण डाटा का उपयोग बढ़ा।
टेलीकॉम कंपनियों पर कुल 1.6 लाख करोड़ रुपए बकाया
सुप्रीम कोर्ट ने एजीआर मामले की सुनवाई करते हुए एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू (एजीआर) बकाए के भुगतान के लिए दूरसंचार कंपनियों को 10 साल का वक्त दिया था। इसमें कहा गया है कि 31 मार्च 2021 तक टेलीकॉम कंपनियों को 10% एजीआर बकाए का भुगतान करना होगा। शेष राशि को हर साल 7 फरवरी को किस्त के रूप में जमा करना होगा।
वोडाफोन आइडिया पर अभी एजीआर बकाया 50,440 करोड़ रुपए का और भारती एयरटेल पर एजीआर बकाए की राशि 26 हजार करोड़ रुपए हैं। टेलीकॉम कंपनियों पर कुल एजीआर बकाया 1.6 लाख करोड़ से ज्यादा का है। AGR संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा टेलीकॉम कंपनियों से लिया जाने वाला यूजेज और लाइसेंस फीस है।