नई दिल्ली/वाशिंगटन। भारत और अमेरिका के बीच ट्विटर मुद्दा बन गया है। भारत में इस पर सवाल उठ रहा है कि व्हाइट हाउस के ट्विटर हैंडल से भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत अन्य भारतीय ट्विटर हैंडल को क्यों अनफॉलो कर दिया गया। फिलहाल इस पर व्हाइट हाउस ने सफाई दी है।
इस पूरे विवाद पर व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया है कि जब भी अमेरिकी राष्ट्रपति किसी देश की यात्रा पर जाते हैं, उस वक्त व्हाइट हाउस की ओर से उन देशों के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट को फॉलो किया जाता है.। चूंकि फरवरी के आखिरी वक्त में जब डोनाल्ड ट्रंप भारत आए थे, तभी व्हाइट हाउस ने पीएम नरेंद्र मोदी समेत अन्य ट्विटर हैंडल को फॉलो किया था।
व्हाइट हाउस के द्वारा कुछ समय पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री कार्यालय, भारतीय दूतावास, भारत में अमेरिकी दूतावास जैसे ट्विटर हैंडल को फॉलो किया गया था। व्हाइट हाउस द्वारा फॉलो किए जाने वाले ये इकलौते विदेशी ट्विटर हैंडल थे, लेकिन 29 अप्रैल को इन सभी को अनफॉलो कर दिया गया, जिसको लेकर भारत में बहस छिड़ गई।
भारतीय मीडिया ने बढ़-चढ़कर दिखाया था कि दुनिया का सबसे ताकतवर देश भारत के प्रधानमंत्री को ट्विटर पर फॉलो करता है।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी अपने ट्विटर अकाउंट पर इसको लेकर तंज कसा था और विदेश मंत्रालय से अपील की थी कि वह इस मामले को अमेरिका के सामने उठाए।
गौरतलब है कि व्हाइट हाउस का ट्विटर हैंडल इस वक्त सिर्फ 13 लोगों को फॉलो करता है, जो कि अमेरिकी सरकार के शीर्ष लोगों के हैंडल हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने पहले आधिकारिक दौरे पर फरवरी में भारत आए थे, ट्रंप सपरिवार भारत आए थे।
अब व्हाइट हाउस सिर्फ 13 अकाउंट फॉलो कर रहा
व्हाइट हाउस अब सिर्फ 13 ट्विटर अकाउंट फॉलो कर रहा है। इसमें डोनाल्ड ट्रम्प, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रम्प, उप राष्ट्रपति माइक पेंस और ट्रम्प प्रशासन से संबंधित कुछ लोग शामिल हैं। ऐसा पहली बार था, जब व्हाइट हाउस ने भारतीय प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को फॉलो करना शुरू किया था।