पीलीभीत। उत्तर प्रदेश में पीलीभीत के रहने वाले इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर धर्मेंद्र ने एक ऐसी डिवाइस बनाई है। जिससे बिना दवाइयों के डायबिटीज को 90 से 120 दिन में समाप्त किया जा सकता है। धर्मेंद्र के अनुसार यह एक बल्ब के रूप में है, जो मंहगा नही वल्कि आम आदमी की पहुंच में है। धर्मेंद्र ने इन्सोल-टी नामकरण करके इसकी पहचान दी है। धर्मेंद्र बताते है कि मां को डाईविटीज है । इस डिवाइस को बनाने की प्रेरणा उन्ही से मिली।
पीलीभीत के पूरनपुर तहसील क्षेत्र के तहत गांव गोपालपुर निवासी धर्मेंद्र ने दावा किया है कि उनके द्वारा निर्मित डिवाइस से डाईविटीज की समस्या से निजात पाई जा सकती है। इस गंभीर बीमारी को कुछ दिनों में ही समाप्त किया जा सकता है। धर्मेंद्र के अनुसार कहने को यह डिवाइस है किंतु यह एक छोटा सा बल्ब है। इस बल्ब रूपी डिवाइस का नाम इंसोल टी रखा है।
परिजनों ने बताया धर्मेंद्र बचपन से ही पढ़ाई में तेज था। पिता की मानें तो धर्मेंद्र की बचपन से ही कुछ अलग करने की सोच थी। वह अपने साथ अन्य दिव्यांगों के उज्जवल भविष्य के लिए कुछ करना चाहता था। उसने एएसआईटी कानपुर से इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इस दौरान ही धर्मेंद्र की मां को डायबिटीज हो गई। इलाज कराने के लिए परिवारजनों को अत्यधिक पैसे खर्च करने पड़ रहे थे।
इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियर धर्मेंद्र ने मीडिया से कहा कि मां विमला देवी को डायबिटीज की समस्या से जूझता देख उसने खोजबीन शुरू कर दी। कई डॉक्टरों से इस रोग के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी जुटाई। इस कार्य में उसे 4 बर्ष का लंबा समय लगा। लगभग 10 सालों तक डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी पर चले अध्ययन और खोज के बाद इन्सोल टी नामक एक डिवाइस बनाने में सफल हुआ। यह डिवाइस देखने में एक साधारण बल्ब जैसा है। धर्मेंद्र का दावा है कि इस डिवाइस के सहारे 90 से 120 दिन के अंतराल पर डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारी को खत्म किया जा सकता है।