लखनऊ। बृजभूषण शरण सिंह इन दिनों ये नाम अच्छा खासा चर्चा में बना हुआ है। हालांकि भारतीय कुश्ती के साथ-साथ भारतीय राजनीति में बृजभूषण शरण सिंह कोई नया नाम नहीं है।भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष बृजभूषण पर भारत के शीर्ष पहलवानों ने यौन उत्पीडऩ और डराने-धमकाने के आरोप जब से लगाया तब से उनकी कुर्सी खतरे में आ गई है।
इस बीच बृजभूषण को लेकर एक बड़़ी जानकारी सामने आ रही है। माना जा रहा है कि अगर बीजेपी बृजभूषण पर कोई एक्शन लेती है तो वो सपा का दामन थाम सकते हैं।
दरअसल इसकी असली वजह ये बतायी जा रही है कि अभी तक अखिलेश यादव ने बृजभूषण को लेकर किसी तरह का ठोस बयान नहीं दिया था जबकि बीजेपी ने अभी तक चुप्पी साध रखी हुई है
कुछ मीडिया रिपोट्र्स की माने तो यूपी में बृजभूषण सिंह का करीब 6 से 7 सीटों पर बड़ा प्रभाव है, इसलिए पार्टी ने इस पूरे मामले पर बीजेपी ने अभी तक चुप्पी साध रखी है लेकिन अगर उनपर कोई एक्शन होता है तो सपा उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करने के लिए तैयार है।
दूसरी तरफ इस मामले में राजनीति भी खूब तेज हो गई है। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पहलवानों को न्याय दिलाने की बात कह रही है।
इतनी ही प्रियंका गांधी और केजरीवाल धरने वाले स्थल पर पहुंचकर पहलवानों से बात की और उनके खिलाफ हो रहे अन्याय को लेकर सरकार पर निशाना साधा है।
इसके साथ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने धरने पर बैठे पहलवानों को समर्थन देने का फैसला किया है। उधर समाजवादी पार्टी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है और किसी तरह से कोई ठोस प्रतिक्रिया नहीं दी है।