लखनऊ। भारतीय किसान यूनियन के छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बुधवार को मुलाकात की। इस दौरान करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। किसान नेताओं ने 16 बिंदुओं का मांगपत्र सीएम को सौंपा। इन मांगों के विषय में सीएम से विस्तार से बातचीत हुई। योगी ने किसान नेताओं को आश्वासन दिया है कि प्राइवेट एजेंसियां-कंपनियां उत्तर प्रदेश में एमएसपी के नीचे खरीदारी नहीं करेंगी।
सीएम योगी से बातचीत के बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई है। उन्होंने हमें आश्वस्त भी किया है। एमएसपी रेट तय किए जाने की मांग केंद्र सरकार से भी की जा रही है क्योंकि यह बिल वहीं से पास हुआ है।
उन्होंने कहा कि एमएसपी रेट समेत कई मांगों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ 25 सितंबर को देश में होने वाला आंदोलन किया जाएगा। किसानों नेताओं ने सीएम को आश्वस्त किया कि किसान पराली नहीं जलाएंगे। योगी ने किसान नेताओं को आश्वस्त किया कि अधिग्रहण के समय खड़ी फसल नहीं काटी जाएगी, उसके लिए समय दिया जाएगा।
कोरोना महामारी के दौरान किसानों को हुआ नुकसान, नहीं मिली कोई मदद
टिकैत ने कहा कि लॉकडाउन के कारण किसानों को बड़ा नुकसान हुआ। जिसकी भरपाई के लिए भारत सरकार के द्वारा कोई भी सीधी सहायता किसान को नहीं मिली है। वहीं प्रदेश में पुलिस किसानों का उत्पीड़न कर रही है। कोरोना महामारी के नियम को लेकर पुलिस किसानों का उत्पीड़न कर रही रही जिसको रोकने और ऐसा न होने को लेकर सीएम योगी से वार्ता हुई। किसानों की समस्या निस्तारण की जाए और प्रदेश में अच्छा माहौल और कानून व्यवस्था ठीक-ठाक रहे, यही हमारी मांग थी।
16 बिंदुओं के मांगपत्र के जरिए किसान नेताओं ने रखी बात
- पिछले 2 वर्षों से गन्ना मूल्य बढ़ने के कारण उत्पादन लागत वृद्धि हुई है। जिसके चलते गन्ना किसानों को घाटा हो रहा है आगामी सत्र में गन्ने का मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए।
- उत्तर प्रदेश में गन्ना खरीद के 14 दिन के अंदर गन्ने के भुगतान न करने पर उतने दिनों का ब्याज सहित गन्ना किसानों के बकाया भुगतान कराया जाए।
- उत्तर प्रदेश गन्ना आपूर्ति एवं खरीद अधिनियम धारा 17 तथा शुगर केन कंट्रोल ऑर्डर के तहत 14 दिन के अंदर भुगतान न करने पर ब्याज सहित गन्ना भुगतान तुरन्त कराया जाए। प्रत्येक गन्ना किसान का लेखा जोखा के लिए गन्ना पासबुक जारी किया जाए गन्ना खरीद फरोख्त नीति में कोई बदलाव न किया जाए।
- किसानों के सामान्य योजना के स्वीकृत नलकूप कनेक्शन सामान तौर पर दिए जाए।
- प्रदेश में पिछले 3 वर्षों से निजी नलकूप एवं ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली बिलों में भारी वृद्धि है जिससे कम किया जाना आवश्यक है किसानों की बिजली दरें कम की जाए।
- किसान सम्मान निधि काला पट्टी उसकी सभी किसानों को नहीं मिल पा रहा है किसान कार्य लो कि चक्कर लगाने के बावजूद किसान की तैयारी नहीं की जा रही है। समय सीमा करते हुए पात्र किसानों को दिया जाए राज सरकार द्वारा बीच में अंशदान देने के लिए 12000 सालाना किया जाए।
- भूमि अधिग्रहण में किसानों की खड़ी फसल का नुकसान न हो इसके लिए उन्हें समय दिया जाए
- प्रदेश में कृषि रक्षा केंद्र ऊपर कृषि रसायन उपलब्ध कराए जाएं सभी जनपदों में यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित रहे
- उत्तर प्रदेश में किसान पर दर्ज फर्जी मुकदमों को वापस लिया जाए