लखनऊः क्रिकेट हित संघर्ष मोर्चा में बगावत के सुर, लगे यह आरोप…

लखनऊ। खेल संगठनों में अंदुरूनी राजनीति बंद होने का नाम नहीं ले रही है। क्रिकेट हित संघर्ष मोर्चा, लखनऊ के संयोजक उमर जावेद, संघ से पंजीकृत अधिकांश क्लबों द्वारा सी0ए0एल0 के सचिव के0एम0 खान पर क्लबों को गुमराह करने का आरोप लगाया गया है। उमर जावेद ने आगे बताया कि दिनांक 27 सितम्बर, 2018 को बी0बी0डी0 लीग के फिक्चर ड्रा में पिछले वर्ष हुई वार्षिक बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार कार्यवाही न करने के सम्बन्ध में कुछ भी नहीं बताया गया। क्लबों द्वारा यह पूछा गया कि माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्णय के अनुसार लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों के अनुसार बनाये जाने वाले संविधान को कब लागूं किया जायेगा? सचिव द्वारा यह भी नहीं बताया गया।

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क्लबों के प्रश्नों का सचिव महोदय ने कोई ठोस जवाब नहीं दिया। वह कुछ भी लिखित आश्वासन देने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने क्लबों के साथ चल रही बैठक में कहा कि लीग का फिक्चर अब आज नहीं डाला जायेगा। अध्यक्ष महोदय से बात करके बाद में डाला जायेगा। बैठक में उपस्थित संघ के पदाधिकारियों में भी आपस में समन्वय नहीं था। हम लोगों द्वारा लीग रोकने तथा अन्य कार्यक्रमों को न होने देने की बात नहीं रखी गयी। अब हम लोगों को जानकारी प्राप्त हुई है कि सचिव महोदय द्वारा अध्यक्ष डा0 नवनीत सहगल को गलत सूचना दी गयी है कि हम लोग लीग आयोजित नहीं करने दे रहे हैं। साथ ही वह तथा उनके कुछ सहयोगियों द्वारा शहर के खिलाड़ियों तथा क्लबों को गुमराह किया जा रहा है कि हम लोग खेल नहीं होने दे रहे हैं। यह बिलकुल गलत बात है। हम सभी खेल चाहते हैं। हम लोगों पर खेल रोकने का आरोप लगाना पूरी तरह से गलत है।

संघ की वार्षिक बैठक आयोजित करने की मांग/कार्यकारिणी का चुनाव कराने की मांग तथा पूरे भारत में क्रिकेट खेल में पारदर्शिता लाने के उद्द्वेश्य से माननीय लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लखनऊ में लागू करने की मांग क्या उचित नहीं है?
हम लोगों द्वारा मात्र यह मांग रखी गयी थी कि सी0ए0एल0 के सचिव द्वारा तत्काल एक पत्र सचिव, उत्तर प्रदेश क्रिकेट एशोसिएशन को भेजा जाय। जिसमें लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों का पालन करने के सम्बन्ध में निर्देश प्राप्त किया जाय। इस पत्र की प्रतिलिपि हमें भी उपलब्ध करा दी जाय, ताकि हम लोग भी समन्वय स्थापित करके शीघ्र निर्देश देने के लिए यू0पी0सी0ए0 से सम्पर्क कर सके।

सी0ए0एल0 के सचिव किसी भी तरह से अपनी कुर्सी बचाना चाहते हैं। वार्षिक बैठक संघ के संविधान के अनुसार प्रत्येक वर्ष होनी चाहिए। लगभग 26 वर्षों से सचिव पद की कुर्सी पर काबिज के0एम0 खान द्वारा अपने कार्यकाल में मात्र 1998, 2002, 2005 तथा वर्ष 2017 में ही वार्षिक बैठक करायी गयी है। हंगामा खड़ा करना हम लोगों का मकसद नहीं है – नियम, कानून तथा संविधान का पालन होना चाहिए। समाचार पत्रों के माध्यम से सचिव महोदय से अपील है कि क्लबों को वार्षिक बैठक, चुनाव की तिथि तथा लोढ़ा समिति की सिफारिशों के सम्बन्ध में लिखकर देने में क्या आपत्ति है? सचिव द्वारा हम लोगों के ऊपर खेल रोकने का आरोप लगाकर हम लोगों की छवि खराब करना ठीक नहीं है। खिलाड़ी खेलना चाहता है – उसका उद्द्वेश्य कभी भी खेल रोकना नहीं होता है। संघ से पंजीकृत अधिकांश क्लबों द्वारा सी0ए0एल0 के सचिव के0एम0 खान पर क्लबों को गुमराह करने का आरोप लगने के बाद संगठन में हंगामा होना तय माना जा रहा है।

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