लखनऊ। नाका पुलिस और एण्टी डकैती सेल की संयुक्त टीम ने अंतराज्यीय लुटेरे गिरोह का पर्दाफाश करते हुए गैंग के 6 आरोपितों को अरेस्ट किया है। आरोपितों ने विभिन्न राज्यों में ठहरकर लूट, छिनैती, टप्पेबाजी की वारदातों को अंजाम देने कबूला है। आरोपितों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन और हजारों रुपये नगद बरामद हुए हैं। पुलिस का दावा है कि बरामद हुए मोबाइल फोन चोरी के हैं।
एसएसपी ने बताया कि राजधानी में गैंग की मौजूदगी की सूचना मिलते ही एण्टी डकैती सेल, क्राइम ब्रांच स्वाट और नाका पुलिस की संयुक्त टीम को लुटेरों की गिर तारी के लिए लगाया गया था। सोमवार तड़के करीब 3 बने टीम ने चारबाग दुर्गापुरी मैट्रो स्टेशन के पास पहले से ही घेराबन्दी कर ली थी। कुछ ही देर में मौके पर आरोपित पहुंच गए। स्टेशन के पास भारी पुलिस बल देखकर आरोपित फरार होने लगे। इस पर पुलिस टीम ने आरोपितों को घेर कर दबोच लिया। पूछताछ में आरोपितों ने अपना नाम ग्राम कडिया सासी पिल्या रसौटा पचौर राजगढ़ मध्य प्रदेश निवासी सोन सिसौदिया, मोहित, विनोद सिसौदिया, ऋतिक सिसौदिया, करण और बाबू सिसौदिया बताया है।
एसएसपी के मुताबिक पकड़े गए सभी अभियुक्त एक ही गांव के रहने वाले हैं। जिनमें कुछ आपस में रिश्तेदार भी हैं। अभियुक्त विभिन्न राज्यों में लूट, छिनैती, टप्पेबाजी की वारदातों को अंजाम देते थे। बदमाश विभिन्न शहरों में जाकर होटलों में ठहरते थे और दिन में रैकी कर रात में लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। उन्होंने बताया कि आरोपित कुछ दिनों में राजधानी में सक्रिय थे। दिन में चारबाग रेलवे और बस स्टैण्ड के पास टहल कर यात्रियों के मोबाइल फोन और उनका सामान चोरी कर भाग निकलते थे। इसके अलावा रात्रि में सुनसान इलाकों को चिन्हित कर गाढ़ा लगाकर गुजरने वाले लोगों पर हमला कर लूट की वारदातों को अंजाम देते थे। बदमाशों के कब्जे से 15 मोबाइल फोन, हजारों रुपये नगद, लोहे की राड बरामद हुई है।
बिस्किट का घोल लगाकर करते थे टप्पेबाजी
थाना प्रभारी नाका ने बताया कि बदमाश शातिर किस्म के हैं। टप्पेबाजी करने में बदमाशों को महारत हांसिल हैं। उन्होंने बताया कि बदमाश राहगीरों के कपड़े में बिस्किट का घोल लगा देते थे। फिर उन्हें गन्दगी लगी होने की बात कह कर उनका ध्यान भटका कर टप्पेबाजी की वारदात करते थे। इसके अलावा बदमाश कार से तेल बहना और आंख में मिर्ची पाउडर झोंक कर लोगों का सामान पार करते थे। एन्टी डकैत टीम की इस सफलता के बाद माना जा रहा है की लखनऊ शहर मे होने वाली लूटपाट की घटनाओं मे कमी जरूर आएगी।