अधीर को छोडऩा पड़ सकता है बंगाल अध्यक्ष अथवा लोस में विपक्ष के नेता का पद

कोलकाता। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को पार्टी की नई नीतियों के कारण बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अथवा लोकसभा में विपक्ष के नेता के पद में से किसी एक को छोडऩा पड़ सकता है। गौरतलब है कि उदयपुर में हुए कांग्रेस के ‘नव संकल्प शिविर’ में पार्टी हाईकमान की ओर से तय किया गया है कि पार्टी में कोई भी व्यक्ति अब पांच साल से अधिक समय तक एक पद पर बना नहीं रह पाएगा। पार्टी ‘एक व्यक्ति, एक पद’ की नीति का भी अनुसरण करेगी। इसे क्रियान्वित करने पर अधीर को दोनों में से एक पद छोडऩा पड़ सकता है।

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सवाल यह कि कौन करेगा बंगाल में अगुआई

अधीर लोकसभा की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष भी हैं। सवाल यह है कि अधीर को अगर बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोडऩा पड़ा तो राज्य में कांग्रेस की अगुआई कौन करेगा क्योंकि इस वक्त अधीर को छोड़कर कोई बड़ा चेहरा नहीं है। बंगाल में पार्टी की स्थिति वर्तमान में काफी कमजोर है।

बंगाल विधानसभा में उसका एक भी निर्वाचित प्रतिनिधि नहीं है। पार्टी ने यह भी तय किया है कि सभी स्तर पर कमेटियों के गठन में उनमें 50 साल से कम उम्र के 50 फीसद लोगों को जगह दी जाएगी। इस बीच संकल्प शिविर का अनुसरण करते हुए बंगाल कांग्रेस के कानून एवं मानवाधिकार शाखा के चेयरमैन पद से ऋजु घोषाल स्वेच्छा से हट गए हैं।

कांग्रेस के एक नेता ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि नई नीतियां सिर्फ मौखिक तौर पर सीमित रहेंगी या इसे अमली जामा भी पहनाया जाएगा, यह देखने वाली बात होगी।

केंद्र ने ईपीएफ की ब्याज दरों में कटौती कर छह करोड़ लोगों को वंचित किया : अधीर

अधीर रंजन चौधरी नें कहा कि केंद्र सरकार ने ईपीएफ की ब्याज दरों में भारी कटौती कर छह करोड़ लोगों को वंचित किया है। अधीर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों को अच्छे दिन दिखाने का वादा किया था और ये दिन दिखा रहे हैं।

अधीर ने बंगाल की ममता सरकार भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एसएससी परीक्षार्थियों के प्रति निष्ठुर हैं। उनकी बात नहीं सुन रहीं। उनसे बात भी नहीं कर रहीं। अधीर ने कहा कि कांग्रेस नौकरी की बाट जोह रहे एसएससी परीक्षार्थियों का पूरा समर्थन करती है।

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