न्यूज डेस्क
एक बार फिर अमेरिका में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। देश के कई शहरों में अस्पतालों में कोरोना के मरीज भर्ती हो रहे हैं। कोरोना की तबाही झेल चुके अमेरिका इससे निपटने के लिए अब लोगों को कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज देने की तैयारी में है। फिलहाल अभी बूस्टर डोज केवल कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को दी जाएगी।
अमेरिका के शीर्ष कोरोना सलाहकार एंथनी फाउची ने कहा, ” फिलहाल कोरोना का बूस्टर डोज सिर्फ कमजोर इम्यून सिस्टम वाले लोगों को ही मिलेगी, लेकिन, जल्दी ही एक समय ऐसा आएगा जब सभी को इसकी जरूरत होगी” अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना टीके के तीसरे इंजेक्शन को आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है।
एफडीए आयुक्त जेनेट वुडकॉक ने अपने एक बयान में कहा, “देश में कोरोना की एक और लहर ने एंट्री ले ली है। एफडीए को चिंता है कि कमजोर इम्यूम सिस्टम वाले लोगों को इस खतरनाक बीमारी का खतरा ज्यादा है।”
एफडीए ने यह भी बताया कि कोरोना वैक्सीन का यह बूस्टर डोज कमजोर इम्यूट सिस्टम वाले या ऑर्गन ट्रांसप्लांट कराने वाले लोगों को लिए है। मालूम हो कोरोना का बूस्टर डोज देने वाला पहला देश इजरायल है। कुछ दिनों पहले ही इजराइल ने बूस्टर डोज देना शुरु किया है।
इजराइल के इस कदम के बाद अमेरिकी में स्वास्थ्य अधिकारी इस बात पर बहस कर रहे थे कि क्या कोरोना वैक्सीन की तीसरी खुराक की आवश्यकता हो सकती है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार करीब 10 लाख अमेरिकी नागरिक ऐसे हैं जिन्हें तीसरी खुराक की जरूरत पड़ सकती है।
वुडकुक ने कहा, “जिन व्यक्तियों को पूरी तरह से टीका लगाया गया है, वे पर्याप्त रूप से सुरक्षित हैं और उन्हें इस समय कोरोना ्रवैक्सीन की अतिरिक्त खुराक की आवश्यकता नहीं है।”
इस महीने की शुरुआत में डब्ल्यूएचओ ने अमीर देशों से अनुरोध किया था कि वह कम से कम सितंबर तक अपने नागरिकों को बूस्टर डोज ना दें, ताकि गरीब और मध्यम आय वाले देशों तक वैक्सीन पहुंचाई जा सके।
हालांकि अमेरिका ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और अब वह अपने नागरिकों को बूस्टर डोज देने की योजना बना रहा है।
मालूम हो कि अमेरिका में कोरोना से 619,000 से अधिक लोग मारे गए हैं। अब यहां डेल्टा वेरिएंट के फैलने से मामलों में तेजी से वृद्धि देखने को मिल रही है।