लखनऊ। यूपी चुनाव में क्या पक्ष और क्या विपक्ष। सबने अपना-अपना दम झोंक दिया है। राजनीतिक दलों की महत्वपूर्ण हस्तियों की प्रतिष्ठा दांव पर लग रही। ऐसा सूबे भर में हो या न हो, लेकिन अमेठी में तो आलम यही है। बीजेपी से केंद्रीय मंत्री व अमेठी सांसद स्मृति ईरानी तो कांग्रेस से पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी की साख दांव पर है।
बताते चलें कि लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का। यहां देश ही नहीं विदेश तक से लोगों की निगाहें गड़ी होती हैं। कांग्रेस का अतीत अमेठी में बहुत ही सुनहरा था। समय के बदलाव के साथ सब कुछ बदल गया। दो दशक पूर्व कांग्रेस का गढ़ कही जाने वाली अमेठी वर्तमान समय में भगवा मय हो गई है।
4 विधानसभा सीट हैं अमेठी में
अमेठी में सांसद सहित 3 विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा के हैं। 4 विधानसभा सीट वाली अमेठी में महज एक सीट गौरीगंज ही सपा का कब्जा है। जहां केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सभी सीटों पर भाजपा का कमल खिलाने के लिए आतुर दिखाई पड़ रही हैं तो वहीं प्रियंका गांधी यूपी के साथ कांग्रेस का गढ़ रही अमेठी में पुनः वर्चस्व कायम करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रही हैं।
2017 में सभी सीटों पर हार गई थी कांग्रेस
विगत विधानसभा चुनाव 2017 में अमेठी की चारों सीटें कांग्रेस हार गई थी। अमेठी से भाजपा की गरिमा सिंह, जगदीशपुर से सुरेश पासी और तिलोई से मयंकेश्वर शरण सिंह चुनाव जीते थे। वहीं गौरीगंज सीट पर राकेश सिंह सपा से विधायक बने थे। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी आगामी चुनाव को लेकर काफी सक्रिय हैं।
कार्यकर्ताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाकर और विकास के दम पर इस बार चारों सीटों को जीतने की योजना में हैं। फिलहाल अभी तक भाजपा ने टिकट की घोषणा नहीं की है। वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा भी खोए हुए वजूद को वापस लाने के लिए हर संभव कोशिश में लगी हैं।
ये है मतदाताओं की संख्या
जिले की चारों विधानसभा में मतदाताओं की संख्या 22 लाख 89 हजार 494 है। जिनमें 11 लाख 30 हजार 421 महिलाएं हैं। जो पुरुषों से केवल 28 हजार 652 मत पीछे हैं। तिलोई में दो लाख 88 हजार 286, अमेठी में 2 लाख 62 हजार 858, गौरीगंज में 2 लाख 81 हजार 701 और जगदीशपुर में 2 लाख 97 हजार 576 मिहिला वोटर हैं। इन्हीं महिला मतदाताओं पर नजर कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा की है। उनसे वह भावनात्मक रिश्ता बनाने की कोशिश में हैं।