अंकारा। पाकिस्तान के बाद अब तुर्की भी कश्मीर में आतंकवाद को हवा देने की कोशिश कर रहा है। खबर है कि तुर्की सीरिया में जंग लड़ रहे आतंकियों को कश्मीर भेजने का प्लान बना रहा है। तुर्की की सरकारी मीडिया एजेंसी ने भी पाकिस्तान और कश्मीर मामले पर टिप्पणी की है। इसे अजरबैजान और आर्मेनिया के बीच नागर्नो-कराबाख विवाद की तरह बताया है। तुर्की की मदद से दो हफ्ते पहले ही अजरबैजान ने इस इलाके पर कब्जा किया है।
तुर्की की न्यूज एजेंसी एएनएफ न्यूज ने कश्मीर मुद्दे पर एक रिपोर्ट पब्लिश की है। इसके मुताबिक- सीरिया में तुर्की समर्थित सुलेमान शाह ब्रिगेड नामक आतंकी संगठन काम कर रहा है। इसे सीरिया की नेशनल आर्मी का हिस्सा बताया जाता है। इसकी अगुवाई करने वाले अबु एमशा ने पांच दिन पहले अपने लड़ाकों को जानकारी दी कि तुर्की कश्मीर मामले में पाकिस्तान की मदद करने का मन बना रहा है।
आतंकियों की भर्ती के लिए अभियान चला रहा तुर्की
एमशा के मुताबिक, तुर्की के अफसर जल्द ही ऐसे आतंकियों की लिस्ट मांगेंगे जो कश्मीर जाना चाहते हैं। इन सभी को आतंकी संगठन की ओर से 2 हजार अमेरिकी डॉलर (करीब 1.5 लाख रुपए) दिए जाएंगे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, तुर्की कश्मीर में आतंकियों को चुनने के लिए एजाज, जाराब्लस, अल-बाब, अफरीन और इदलिब इलाके में अभियान चला रहा है। आतंकियों को एक ग्रुप में गुपचुप तरीके से कश्मीर भेजा जाएगा।
तुर्की कश्मीर मामले पर देता रहा है पाकिस्तान का साथ
तुर्की कश्मीर मामले पर लंबे समय से पाकिस्तान का साथ देता रहा है। UN ( संयुक्त राष्ट्र) समेत कई दूसरे ग्लोबल प्लेटफॉर्म्स पर कश्मीर का मु्द्दा उठाने में पाकिस्तान की मदद की है। पिछले साल UN जनरल असेम्बली में तुर्की ने कश्मीर का मुद्दा उठाया था। भारत ने इसे अपने अंदरुनी मामलों में दखलंदाजी बताया था। पाकिस्तान भी तुर्की की ओर से उत्तरपूर्व सीरिया पर कब्जा करने की कोशिशों का समर्थन करता है।