किसानों का केस फ्री में लड़ने को तैयार सुप्रीम कोर्ट का ये वकील

नई दिल्ली। कृषि कानून को लेकर पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के किसानों का आंदोलन बीते 10 दिनों से जारी है। इस बीच सरकार और किसानों के बेच कई बार वार्ता भी हो चुकी है लेकिन इस वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला। आज यानी शनिवार को किसान और सरकार के बीच पांचवे दौर की वार्ता होनी है। ये वार्ता भी बेनतीजा रही तो किसान 8 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान करेंगे।

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सरकार और किसानों की पांचवे दौर की वार्ता शुरू होने के पहले सुप्रीम कोर्ट के वकील दुष्यंत दवे ने किसानों के आन्दोलन के मामले को अदालत में उठाने की बात कही है। साथ ही उन्होंने कहा है कि वो किसानो के लिए बिना फीस के केस लड़ने को तैयार हैं।

खबरों के अनुसार किसानों की संघर्ष समिति के सदस्यों की बैठक के बाद एडवोकेट और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दुष्यंत दवे ने कहा ‘यदि किसान किसी भी मामले को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में ले जाना चाहते हैं तो मैं बिना किसी फीस के उनकी ओर से अदालत में जाने को तैयार हूं। मैं किसानों के साथ खड़ा हूं।’

गौरतलब है कि किसानों ने आठ दिसम्बर को ‘भारत बंद’ का ऐलान किया साथ ही ये चेतावनी दी कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है तो वे राष्ट्रीय राजधानी की तरफ जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर देंगे।

अपनी मांग पर अडिग किसान नेता

किसान नेताओं का कहना है कि, ‘यदि इन कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया गया तो हमने आने वाले दिनों में दिल्ली की शेष सड़कों को अवरूद्ध करने की योजना बनाई है।’ शनिवार को किसान केन्द्र सरकार और कॉरपोरेट घरानों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे और उनके पुतले फूकेंगे। साथ ही उनके समर्थन में आये खिलाडी सात दिसम्बर को एकजुटता दिखाते हुए अपने पदक लौटाएंगे।

बता दें कि शनिवार को अगले दौर की वार्ता में सरकारी पक्ष का नेतृत्व केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर करेंगे और उनके साथ खाद्य मंत्री पीयूष गोयल एवं वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सोमप्रकाश भी होंगे।

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