सुल्तानपुर। उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में मंगलवार को उस वक़्त हड़कम्प मच गया जब कोरोना पॉजिटिव के शव का अंतिम संस्कार करने से परिजनों ने इंकार कर दिया। इससे पुलिस-प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। एसडीएम ने शव को घाट पर पहुंचवाया तो यहां डोम ने भी दाह संस्कार से मना करते हुए हाथ जोड़ लिए। जिसके बाद अधिकारियों और डोम में कहा-सुनी हो गई।
जानकारी के अनुसार बीते 18 जून को जिले के कादीपुर कोतवाली क्षेत्र के कादीपुर खुर्द में एक 55 वर्षीय अधेड़ प्राइवेट कार से मुंबई से अपने घर पहुंचा था। घर पहुंचते ही सुबह उसकी मृत्यु हो गई गई थी। स्वास्थ्य टीम ने अधेड़ मृत व्यक्ति का सैंपल लेकर जांच में भेजा था। रविवार 21 जून को अधेड़ की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी, तभी से इसका शव रखा हुआ था।
मृतक के कोरोना पॉजिटिव होने के चलते शव का अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल में होना था। लेकिन जब प्रशासनिक अमला परिजनों के पास शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए पहुंचा तो परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। मंगलवार दोपहर एसडीएम की निगरानी में एक एंबुलेंस से मृतक का शव शहर स्थित सीताकुंड घाट पर भेजा गया, जहां कोरोना से जुड़ा मामला देख डोम ने भी हाथ जोड़ लिए।
इस पर एसडीएम ने कहा कि क्या डेड बाडी में कीड़े पड़े हैं कि उसका क्रियारकर्म नहीं होना चाहिए। डोम ने स्पष्ट कहा कि परिवार वालों को ले जाना चाहिए के हम दाह संस्कार कर देंगे। इस पर एसडीएम ने कहा कि परिवार वाले निकम्मे हैं। एसडीएम ने कहा- मैं तुम्हारे साथ खड़ा होऊंगा। कोई प्राब्लम हो मुझे बताना। मरे हुए को आज सातवां दिन है, उसमें तो कोरोना का नाम भी नहीं रह गया होगा