छोटे नोटों को बड़े नोटों में बदलने का झांसा देकर जालसाजों ने ठगा

लखनऊ। ठगी के लिए ठग लगातार नये नये तरीके ईजाद करते जा रहे है। इसका ही एक नजारा आज लखनऊ में दिखाई दिया। उल्लेखनीय है कि  छोटे नोटों को बड़े नोटों में बदलने का झांसा दे जालसाजों ने दवा कम्पनी के अधिकारी को बातों में फंसा लिया। मुनाफे के लालच में फंस अधिकारी ने भी हामी भर दी। इसके बाद ठगों ने उन्हें मिलने के लिए बुलाया। उनसे आठ लाख रुपए लेकर चम्पत हो गए। पीड़ित ने पीजीआई थाने में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है।

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बाराबंकी लखपेड़ाबाग निवासी राजेश पाण्डेय दवा कम्पनी में कार्यरत हैं। राजेन्द्रनगर निवासी अखिलेश दीक्षित ने उन्हें बताया था कि उसके पहचान का संजय सिंह 50-100 रुपए के नोटों को 500-2000 में बदलवाना चाहता है। अखिलेश ने उन्हें बताया कि नोट बदलने पर करीब बीस प्रतिशत की रकम बढ़ कर मिलेगी। राजेश के मुताबिक उन्होंने प्लॉट खरीदने के लिए करीब आठ लाख रुपए जमा किए थे। अखिलेश का ऑफर सुन कर वह बातों में फंस गए। इस बीच अखिलेश ने राजेश को एक फोन नम्बर देते हुए उस पर बात करने के लिए कहा। आरोप है कि संजय सिंह नाम के व्यक्ति से बात होने पर उसने बिचैलियों को छोड़ डायरेक्ट डीलिंग करने का ऑफर दिया।

संजय ने उन्हें बताया कि नोट बदलने पर मिलने वाला बीस प्रतिशत का मुनाफा अखिलेश व उसके साथी हड़पना चाहते हैं। इसलिए आप मेरे बताए पते पर आकर रुपए दे देना।9 अक्टूबर को संजय सिंह ने फोन कर उन्हें मिलने के लिए तेलीबाग स्थित गणपति रेस्टारेंट पर बुलाया। उनके साथ विजय यादव भी था। आरोप है कि रेस्त्रां में पहुंचने के बाद संजय ने उनसे 8 लाख रुपए लेकर साथी को दे दिए। कहा कि विजय छोटे नोट लेकर कुछ देर में आ जाएगा। इसके बाद संजय उनके साथ ही बैठा रहा। कुछ देर बाद संजय के मोबाइल पर एक कॉल आई। बात करने के बाद आरोपितों ने उनसे शहीदपथ पर चलने के लिए कहा। पूछने पर बताया कि उनका साथी रुपए लेकर आ चुका है। जो आपको बाराबंकी सुरक्षित पहुंचा देगा।

विश्वास कर राजेश ठगों के साथ चल पड़े। शहीदपथ पर साथी मिलवाने के बाद संजय व विजय वहां से चलते बने। जबिक उनका साथी राजेश को धक्का देकर फरार हो गया। ठगी का शिकार हुए राजेश ने पीजीआई थाने पहुंच कर एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी। पर, उनका मुकदमा नहीं लिखा गया। इस बीच राजेश ने एसएसपी कलानिधि नैथानी से मुलाकात कर उन्हें आपबीती बताई। एसएसपी ने इंस्पेक्टर पीजीआई को एफआईआर दर्ज कर आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिसके बाद बुधवार रात विजय यादव, संजय सिंह, राणा व नवनीत यादव के खिलाफ अमानत में खयानत व धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है।

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