‘जब पिच स्पिनरों के लिए सहायक होती है तो दुनिया रोना शुरू कर देती है’

नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया (Australia) के ऑफ़ स्पिनर नाथन लायन (Nathan Lyon) का कहना है कि वह पिंक बॉल टेस्ट मैच की पिच को लेकर हो रही आलोचना को नहीं समझ पा रहे हैं। नाथन लायन ने कहा कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम पर हो रहे पिंक बॉल टेस्ट को मैंने देखा और स्पिनर हावी रही, इसका मैंने लुत्फ़ उठाया। नाथन लायन ने पिच का समर्थन किया है।

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लायन ने एएपी से बातचीत करते हुए सख्त शब्दों में कहा “दुनिया सिर्फ तभी रोने लगती है, जब पिच गेंदबाजों के लिए सहायक हो। जब तेज गेंदबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों में टीमें मामूली स्कोर पर आउट हो जाती है, तब कोई कुछ नहीं बोलता।

नाथन लायन ने कहा “विश्व के हर कोने में हम तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिचों पर खेलते हुए 47, 60 जैसे स्कोर पर आउट हो जाते हैं लेकिन कभी कोई नहीं बोलता। जैसी ही यह स्पिनरों को मदद करना शुरू करती है, दुनिया में सभी रोना शुरू कर देते हैं। मैं यह समझ नहीं पाया। मैं तो इसका मजा उठा रहा था।”

नाथन लायन ने यह भी कहा कि पूरी रात मैं इस मुकाबले को देख रहा था और सोच रहा हूँ कि पिच बनाने वाले क्यूरेटर को सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर लाना चाहिए। गौरतलब है कि खुद नाथन लायन ने अपना करियर एक क्यूरेटर के तौर पर ही शुरू किया था।

गौरतलब है कि अहमदाबाद टेस्ट की पिच को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच पिच के समर्थन में कई स्पिनर आए हैं। सभी एक ही बात कह रहे हैं कि तेज गेंदबाजों के लिए मददगार पिच के समय कोई आलोचना क्यों नहीं होती। बयानबाजी करनी है, तो हर मामले को एक नजर से देखा जाना चाहिए। इससे पहले प्रज्ञान ओझा ने भी कहा था कि जब बल्लेबाज 400 रन बनाता है, तब पिच के बारे में कोई बात क्यों नहीं होती।

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