नई दिल्ली। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के बल्लेबाज एबी डीविलियर्स ने कहा कि टीम को आईपीएल का खिताब जिताने के लिए वो बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी करने को भी तैयार हैं। उन्होंने टीम के कप्तान विराट कोहली को भी बता दिया है कि जरूरत पड़ने पर वे टीम के लिए गेंदबाजी करने को भी तैयार हैं।
डीविलियर्स ने कहा कि इस सीजन में हमारे पास दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ी हैं। ऐसे में हम किसी भी टीम को हराने की ताकत रखते हैं। हमारे पास एरॉन फिंच, मोइन अली, एडम जांपा, जोशुआ फिलिप जैसे खिलाड़ी हैं।
मुझे गेंदबाजी करने में मजा आता है: डीविलियर्स
डीविलियर्स ने कहा कि मैं हमेशा विराट के साथ मजाक करता हूं। मैंने उनसे दो दिन पहले कहा था कि अगर टीम के हित में मेरे से गेंदबाजी कराना चाहते हो तो, मैं इसके लिए उपलब्ध हूं। देखो, मैं कभी अच्छा गेंदबाज नहीं रहा, लेकिन मुझे गेंदबाजी करने में मजा आता है। मैं पूरी क्षमता के साथ गेंदबाजी करने के लिए तैयार हूं।
डीविलियर्स इंटरनेशनल क्रिकेट में विकेट ले चुके हैं
डीविलियर्स दाएं हाथ के मीडियम पेस गेंदबाज हैं। उन्होंने टेस्ट में 2 और वनडे में 7 विकेट लिए हैं। हाल ही में टीम के कप्तान कोहली ने कहा था कि आरसीबी के पास 2016 के बाद सबसे संतुलित टीम है। ऐसे में डीविलियर्स से गेंदबाजी कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
‘फिलिप काफी हद तक मेरी तरह खेलते हैं’
आरसीबी के इस बल्लेबाज ने ऑस्ट्रेलिया के युवा विकेटकीपर बल्लेबाज जोशुआ फिलिप की तारीफ करते हुए कहा कि इस समर सीजन में फिलिप ने बेहतर प्रदर्शन किया है। फिलिप को खेलता देखकर बचपन की यादें ताजा हो गईं। जब मैं छोटा था, तो फिलिप की तरह खेलता था। फिलिप और मेरे में बहुत समानता है।
फिलिप को बेंगलुरु ने बेस प्राइज 20 लाख रुपए पर खरीदा था
फिलिप को आरसीबी ने 20 लाख रुपए की बेस प्राइस में ही खरीदा था। फिलिप ने अब तक 32 टी-20 खेले हैं और 33 से अधिक की औसत से 798 रन बनाए हैं। इसमें 7 हाफ सेंचुरी शामिल है। वहीं, पिछले सीजन में फिलिप ने बिग बैश लीग में तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी थे। उन्होंने 16 मैचों में 487 रन बनाए थे।
तीर बार फाइनल पहुंचने के बाद भी आरसीबी आज तक खिताब नहीं जीती
कोहली की अगुआई वाली रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) इस सीजन में 21 सितंबर को सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ पहला मैच खेलेगी। आरसीबी आईपीएल के 12 सीजन में से तीन बार ( 2009, 2011 और 2016) फाइनल खेली है। इस दौरान 6 खिलाड़ियों ने टीम की कमान संभाली, लेकिन कोई भी उसे चैम्पियन नहीं बना पाया।