नई दिल्ली। लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के लिए चलाई गई श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के संचालन का सही प्रबंधन नहीं होने को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रेलवे पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि एक तो ट्रेनें काफी विलम्ब से चल रही है, वहीं कई ट्रेनें तो रास्ता तक भटक गई। ऐसे में रेलवे द्वारा यह एडवाइजरी जारी करना कि शारीरिक तौर पर कमजोर यात्रा ना करें, चौंकाने वाला है। आखिर बहुत मजबूरी नहीं होती तो लोगों को क्या पड़ी थी कि इतनी समस्याएं झेल कर अपने घरों को लौटते।
इस बाबत प्रियंका गांधी ने रविवार को ट्वीट कर कहा, “श्रमिक ट्रेनों में 80 लोगों की मृत्यु हो गई। 40 प्रतिशत ट्रेनें लेट चल रही हैं। कितनी ट्रेनें रास्ता भटक गईं। कई जगह यात्रियों के साथ अमानवीय व्यवहार की तस्वीरें हैं। इन सबके बीच रेल मंत्रालय का ये कहना कि कमजोर लोग ट्रेन से यात्रा न करें चौकाने वाला है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय ने श्रमिक ट्रेनों को कभी गंभीरता से नहीं लिया, शुरू से इस व्यवस्था की उपेक्षा की गई। उन्होंने कहा कि यह वक्त श्रमिकों के साथ ज्यादा संवेदनशीलता के साथ काम लेने का है लेकिन सरकार को श्रमिकों की कोई चिंता नहीं है। पहले तो ट्रेनें चलाने को लेकर निर्णल लेने में देर की गई और अब जब ट्रेनें चल पड़ी हैं तो उसकी व्यवस्था भी सबके सामने हैं।
उल्लेखनीय है कि ट्रेनें के विलम्ब और यात्रियों की परेशानी पर रेलवे की तरफ से पहले ही स्पष्टीकरण दिया गया था। जिसमें कहा गया था कि सिर्फ चार ट्रेनों को 72 घंटे से अधिक समय लगा जो मणिपुर, जिरबाम और अगरतला की तरफ जा रही थीं। असम में भूस्खलन की वजह से 12 घंटे तक ट्रैक बंद करना पड़ा था।
रेलवे ने बताया कि 90 फीसदी यानी लगभग 3500 ट्रेनें मेल एक्सप्रेस की औसत स्पीड से भी अधिक तेजी से पहुंची हैं। सिर्फ 10 फीसदी में देर लगी है। वहीं ट्रेनें में यात्रियों की मौत पर रेलवे की ओर बताया गया कि भूख से मौत की खबर गलत है। फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है लेकिन जांच की जा रही है।