पूरे परिवार के साथ दिव्यांग मुम्बई से चला आया अमेठी, भाजपा नेता ने प्रयागराज गाड़ी से भिजवाया

पत्नी की गोद में था दस दिन का बच्चा, कल्याण में मजदूरी कर करता था गुजारा, नहीं रहा भोजन तो चल दिया पैदल
-आठ दिन में पहुंचा अमेठी, जाना था प्रयागराज तक
अमेठी। कोरोना महामारी के संकट काल में लाकडाउन में प्रवासी मजदूरों की जिंदगी बेपटरी हो गई है। मई की भीषण गर्मी के मध्य मजदूर पैदल चलकर हजारों किलोमीटर का सफर तय कर रहे हैं। मकसद केवल एक है, परिवार के बीच पहुंच सुकून और चैन की रोटी मिल जाए। प्रयागराज निवासी दिव्यांग चंद्र मोहन पाल उन्हीे प्रवासी मजदूरोें में से एक हैं। चंद्रमोहन के पास खाने को कुछ नहीं बचा तो वे पूरे परिवार को लेकर कल्याण से पैदल ही निकल पड़े। अमेठी के जगदीशपुर में स्मृति ईरानी के निर्देश पर प्रवासियों के लिए युवा नेता द्वारा चलाए जा रहे कैंप के लोगों ने जब दिव्यांग को देखा तो वे कैंप में लाकर भोजन पानी की व्यवस्था की और फिर गाड़ी से पूरे परिवार काे सोमवार को प्रयागराज भेजा।
चंद्र मोहन पाल बताते हैं कि वे मुम्बई के कल्याण में पत्नी और दो बच्चों के साथ रहते थे। दिन भर मजदूरी करते उससे जो कुछ मिलता उससे परिवार का पेट पालते। इस बीच कोरोना महामारी के चलते लाकडाउन आ गया और घर में जमा पैसे भी खाकर खत्म हो गए। अभी इस समस्या से निजात नही मिली थी कि पत्नी ने 10 दिन पूर्व एक बच्चे को जन्म दिया और अब खाने के लाले पड़ गए। ऐसी स्थित में डिलेवरी के तीन दिन बाद चंद्र मोहन पत्नी और बच्चे को लेकर पैदल ही घर के लिए चल पड़ा। पत्नी ने नवजात को गोद में उठाया तो चंद्र मोहन ने दो बच्चों के साथ आठ दिन में हजारों किलोमीटर सफर तय कर अमेठी के जगदीशपुर पहुंचा।
जगदीशपुर में जाफरगंज मंडी के पास केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के निर्देश पर बीजेपी युवा नेता सोनू यज्ञसैनी ने प्रवासी मजदूरों के लिए कैंप लगा रखा है, जहां बाहर से आने वालों को भोजन पानी के साथ उनके जिले तक भेजने के लिए गाड़ी तक की व्यवस्था कर रखा है। यहां चंद्र मोहन और उसके परिवार को भोजन पानी दिया गया, फिर प्रयागराज तक के लिए गाड़ी का प्रबंध कर उसे भेजा गया। इस पर उसने स्मृति ईरानी का धन्यवाद प्रकट किया।
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