रायबरेली।कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रविवार को मां सोनिया गांधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली पहुंचीं। रिफॉर्म क्लब में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रियंका ने कहा अगर देश की सारी महिलाएं एक जुट हो जाएं तो हम देश की राजनीति बदल देंगे। हमने अपना महिला घोषणापत्र जारी किया है, जिसमें सिर्फ स्मार्टफोन और स्कूटी नहीं है। वह आपके स्वास्थ्य, शिक्षा, सेहत, अर्थव्यवस्था और आपके अधिकारों के बारे में है। मैं आपसे कहती हूं कि आप हमें शक्ति दीजिए, हम आपको शक्ति देंगे’।
लोगों को सताने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करती है सरकार
अखिलेश के करीबियों पर इनकम टैक्स की छापेमारी पर प्रियंका ने कहा कि ये तो हम 7 साल से देख रहे हैं। केंद्र सरकार लोगों को सताने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करती है। अगर आपको राजनीति बदलनी है तो यह जातिवाद और सांप्रदायिकता की राजनीति बंद करनी चाहिए। यह जनता को गुमराह करने वाली राजनीति है। लोगों को मालूम है कि कोई पूछने वाला नहीं है कि आपका नल लगा की नहीं, आपको रोजगार मिला की नहीं। ये जानते हैं कि अगर हम साम्प्रदायिकता की लाइन पर चलेंगे तो कोई विकास की बात नहीं करेगा।
प्रियंका ने महिलाओं से कहा कि उनका वोट ही उनकी ताकत है- ‘लोग आपको प्रलोभन देकर वोट मांगते हैं। ये गैस सिलेंडर, चूल्हा, फ्री राशन सब आपके वोट के लिए दिया जा रहा है। हर जगह यही दिखता है कि लड़कियां बहादुरी से लड़ रही हैं। मुझे जिन पुलिसकर्मी लड़कियों ने गिरफ्तार किया था, मैंने पाया कि उनका भी शोषण हो रहा है। हर कहीं महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। मेरे मन में आया कि मुझे लड़कियों के लिए लड़ना है। हमें एकजुट होकर लड़ना है। हमारे बारे में कोई बात क्यों नहीं कर रहा है? अगर सारी महिलाएं एकजुट हो जाएं और तय कर लें कि हम इस देश की राजनीति बदलेंगे तो ये राजनीति बदल जाएगी’।
कह दो- हमारे लिए काम करो वरना वोट नहीं देंगे
कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘महिलाएं अगर कह दें कि हमारे लिए काम करो वरना हम तुम्हें वोट नहीं देंगे। हमने महिलाओं के लिए अलग से घोषणापत्र बनाया। इसका असर हुआ और बाकी पार्टियां भी घोषणा करने लगी हैं। प्रधानमंत्री पहली बार सिर्फ महिलाओं की सभा करने जा रहे हैं। मैं बहुत खुश हूं। एक छोटी सी पहल से सारी पार्टियां महिलाओं के बारे में सोच रही हैं। मां क्यों चाहती है कि उसकी बेटी पढ़ाई कर ले? क्योंकि वह अपनी बेटी को अपने जीवन का संघर्ष नहीं देना चाहती’।
अपनी शक्ति को पहचानो
“आपसे कहा जाता है कि आप लड़की हैं। मेरा आपसे कहना है कि अपनी शक्ति को पहचानो। तय कर लो कि जो महिलाओं के लिए काम नहीं करेगा, सशक्त नहीं करेगा, उसे वोट नहीं मिलेगा। एक शौचालय या एक सिलेंडर से काम नहीं चलेगा। आपको सशक्त होना है। आपको आपका अधिकार मिले। आज प्रदेश में जगह जगह महिलाओं पर अत्याचार होता है और उल्टा पीड़िताओं पर ही मुकदमा दर्ज किया जाता है। यह गलत है। इसे बदलना होगा। आप सब ठीक कहती हैं कि अपने लिए खुद लड़ना होगा। आप लड़िए, मैं आपके साथ हूं। हम सब साथ मिलकर परिवर्तन लाएंगे। हम मिलकर इस समाज को समझाएंगे कि महिलाओं को नकार नहीं सकते”।
अमेठी की रमाकांती की कहानी का जिक्र किया
प्रियंका ने कहा कि कल मैं अमेठी में थी। मेरी 15 साल पुरानी सहेली रमाकांती मंच पर मिलीं। 15 साल पहले वो समूह के माध्यम से मुझसे मिली थीं। उसने बताया कि, उसके माता-पिता ने उसे नहीं पढ़ाया। जल्दी शादी कर दी। उसने ठान लिया बेटी को पढ़ाएगी। साड़ी में फॉल लगाती थी। जब सुसराल वाले खेत चले जाते तो दुकान पर से काम लेकर आती। पैसे जमा किया और बेटी का बगैर किसी को बताए स्कूल में नाम लिखाया। जब कोई घर पर नहीं होता तो स्कूल छोड़ आती। घर वालों के आने से पहले ले आती, लेकिन एक दिन पकड़ी गई। उसने परिवार वालों से सौदा किया। कहा कि फीस वह देगी। कल वह लड़की को लेकर मिली। उसने कॉलेज पास कर लिया है। नौकरी ढूंढ़ रही है, तो कहना है कि मां संघर्ष करती है।

संवाद कार्यक्रम में आकर हिम्मत मिली
- प्रियंका से बातचीत में मदर टेरेसा स्कूल की टीचर नूर इकरा ने बताया कि जब उन्होंने इंटर पास किया तो सब लोगों ने बोला कि लड़की है, इसको आगे क्या पढ़ाना है? शादी कर दो, लेकिन मेरी मां ने किसी की बात सुनी और उन्हें आगे पढ़ाया और टीचर बनाया। आज वह जो कुछ भी हैं, अपनी मां की वजह से हैं। नूर इकरा ने कहा कि वह प्रियंका गांधी का शुक्रिया अदा करना चाहती हैं, क्योंकि शक्ति संवाद कार्यक्रम में आकर काफी हिम्मत मिली है।
- रुचि सिंह ने प्रियंका से संवाद में बताया कि, मैं पॉलिटेक्निक की छात्रा हूं। मैं आगे बीटेक करके इंजीनियर बनना चाहती हूं। मैं घर से निकलती हूं तो लोग कहते हैं कि लड़की को घर से बाहर मत जाने दो। मैं क्यों नहीं जा सकती? मैं लड़की हूं, लेकिन सब कुछ कर सकती हूं। आपका ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं’ नारा मुझे बहुत हिम्मत दे रहा है।
- हीरो ब्लॉक से आई छात्रा अंजलि रावत एयरफोर्स की तैयारी कर रही हैं। उनका कहना है कि शक्ति संवाद कार्यक्रम में आकर काफी हिम्मल मिली है। अगर लड़की को पढ़ाया जाए तो वह आगे कुछ भी कर सकती है। मां-बाप को अपनी बेटी पर भरोसा करना चाहिए और यही भरोसा उन्हें आगे बढ़ाएगा।
- 10वीं की छात्रा नेहा सिंह ने कहा, देश की उन्नति के लिए बेटियों का उड़ान भरना जरूरी है। परिवार में लोगों की यह मंशा रहती है कि बेटा लायक हो जाए, जबकि ऐसा होना चाहिए कि बेटी लायक हो जाए। नेहा ने कहा कि वह आगे पढ़ना चाहती है, लेकिन उसके मां-बाप की माली हालत ठीक नहीं है। इस वजह से उसे प्रियंका गांधी से निवेदन किया है, उसे आगे पढ़ने के लिए स्कॉलरशिप दी जाए।
- सावित्री देवी ने कहा कि आज दीदी ने जो नारा दिया है कि, ‘लड़की हूं, लड़ सकती हूं। इससे हम लोगों में हिम्मत जागी है। महिलाओं को बचपन से लेकर अभी तक संघर्ष का सामना करना पड़ता है, लेकिन आज मुझे खुशी हो रही है कि प्रियंका दीदी हमारे साथ हैं।