बेगूसराय। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत मंत्र और संकल्प से सिद्धि के उद्देश्य को आत्मसात कर लगातार आगे बढ़ रहे इंडियन ऑयल ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इंडियन ऑयल के बरौनी रिफाइनरी से हवाई ईंधन (एटीएफ) का उत्पादन शुरू हो गया है।
इंडियन ऑयल के अध्यक्ष एस.एम. वैद्य ने बरौनी रिफाइनरी के इंडजेट यूनिट से बरौनी मार्केटिंग टर्मिनल तक एटीएफ (जेट ए-1) फ्युल के पहले बैच के डिस्पैच का ऑनलाइन शुभारंभ शुक्रवार को किया। इस अवसर पर इंडियन ऑयल के निदेशक (आर एंड डी) डॉ. एस.एस.वी. रामकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) रंजन कुमार महापात्र, निदेशक (विपणन) वी. सतीश कुमार एवं निदेशक (रिफाइनरीज) शुक्ला मिस्त्री सहित विभिन्न स्थानों से वरिष्ठ अधिकारी ऑनलाइन उपस्थित थे।
अध्यक्ष सहित सभी अधिकारियों की उपस्थिति में बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख आर.के. झा ने टीम बरौनी रिफाइनरी, बरौनी मार्केटिंग टर्मिनल, बरौनी कानपुर पाइपलाइन, बीटीएमयू और आईओओए की उपस्थिति में रिफाइनरी के एटीएफ टैंक 241 के वाल्व को खोलकर बरौनी रिफाइनरी से पाइपलाइन के माध्यम से एटीएफ को बरौनी मार्केटिंग टर्मिनल डिस्पैच किया।
इस अवसर पर बरौनी रिफाइनरी की सराहना करते हुए इंडियन ऑयल के अध्यक्ष एस.एम. वैद्य ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक अवसर है। खुशी है कि इंडियन ऑयल की बरौनी रिफाइनरी बिहार के साथ-साथ नेपाल के हवाई ईंधन की जरूरत को पूरा करेगी। इंडजेट यूनिट इंडियन ऑयल द्वारा विकसित स्वदेशी तकनीक पर आधारित है जो मेक इन इंडिया पहल के साथ प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक सार्थक कदम है।
इंडियन ऑयल देश के हरित भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। हम अपने विभिन्न हरित उत्पादों के माध्यम से राष्ट्र की ईंधन जरूरतों को निरंतर पूरा करने में समर्पित है। आइए हम इंडियन ऑयल के पूरे इको-सिस्टम को पूरी दक्षता के साथ एकाग्र करें। हमारे लिए पहले इंडियन, फिर ऑयल है।
बरौनी रिफाइनरी के कार्यपालक निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख आर.के. झा ने कहा कि एटीएफ का उत्पादन बरौनी रिफाइनरी के नए इंडजेट यूनिट से किया गया। यह यूनिट स्वदेशी तकनीक इंडजेट@ पर आधारित है, जिसका अनुसंधान इंडियन ऑयल आरएंडडी सेंटर और मेसर्स ईआईएल ने मिलकर किया है। यह तकनीक कम तापमान और निम्न दबाव हाइड्रो-उपचार प्रक्रिया है जो चुनिंदा रूप से केरो फीड स्ट्रीम से मर्कैप्टन को हटाती है। इस्तेमाल किया जाने वाला उत्प्रेरक इंडियन ऑयल आरएंडडी द्वारा विकसित मालिकाना उत्प्रेरक है।
एटीएफ के अलावा इंडजेट यूनिट को पाइपलाइन कम्पेटिबल केरोसिन (पीसीके) के उत्पादन के लिए भी डिजाइन किया गया है, जिसमें सल्फर आठ पीपीएमडब्लू की आवश्यकता होती है। इंडजेट यूनिट को जून 2022 में कमीशन किया गया था, उसके बाद एटीएफ का सर्टिफिकेशन सितम्बर में मिला।
डिफेंस ग्रेड के एटीएफ की आपूर्ति करने के लिए, सीईएमआईएलएसी (सैन्य उड़ान योग्यता और प्रमाणन केंद्र) और डीजीएक्यूए (वैमानिकी गुणवत्ता आश्वासन महानिदेशालय) की वैधानिक स्वीकृति अक्टूबर एवं नवम्बर में प्राप्त हुई। बरौनी रिफाइनरी से उत्पादित एटीएफ पटना, दरभंगा, गया और नेपाल के हवाई अड्डों को ईंधन प्रदान करेगा।