मेरठ। बसपा सरकार में मंत्री रहे भगौड़े याकूब कुरैशी, पत्नी संजीदा बेगम, दो बेटे इमरान और फिरोज समेत सात लोगों पर गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज हुआ है। देर रात जिलाधिकारी की मंजूरी के बाद खरखौदा थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। अब पुलिस याकूब परिवार की अवैध संपत्ति को चिहिन्त करने में जुट गई है।
खरखौदा थाना क्षेत्र के अलीपुर जिजमाना स्थित अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड में 31 मार्च 2022 को पुलिस और कई विभागों की टीमों ने दबिश दी थी। इस फैक्ट्री में बिना अनुमति मीट पैकेजिंग और प्रोसेसिंग की जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी, पत्नी संजीदा बेगम, दो बेटे फिरोज, इमरान, मैनेजर मोहित त्यागी समेत 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। संजीदा बेगम को इस मामले में कोर्ट से जमानत मिल चुकी है। जबकि याकूब, फिरोज, इमरान की संपत्ति कुर्क हो चुकी है, लेकिन वे अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
कोर्ट से याकूब को भगौड़ा भी घोषित किया जा चुका है और इनाम भी घोषित है। पुलिस ने याकूब परिवार पर गैंगस्टर लगाने के लिए फाइल जिलाधिकारी दीपक मीणा की संस्तुति के लिए भेजी थी। गुरुवार की देर रात जिलाधिकारी ने गैंगस्टर लगाने की संस्तुति कर दी। जिसके बाद याकूब, संजीदा बेगम, फिरोज, इमरान निवासी मस्जिद तेलियान सोहराब गेट कोतवाली, मोहित त्यागी निवासी शास्त्रीनगर, फैजाब निवासी घोसीपुर, मुजीब निवासी नरहाड़ा के खिलाफ खरखौदा थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
संपत्ति चिहिन्त करने का काम शुरू
पुलिस का कहना है कि गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज होने के बाद शुक्रवार से याकूब परिवार की अवैध तरीके से कमाई संपत्ति की जांच शुरू कर दी गई है। अवैध संपत्ति को चिहिन्त करने के बाद गैंगस्टर एक्ट की धारा 14ए के तहत संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई शुरू होगी। याकूब परिवार पर इनाम भी बढ़ाकर 50 हजार रुपए कर दिया जाएगा।
याकूब परिवार की धरपकड़ के लिए एसटीएफ की सहायता ली जाएगी। अभी तक याकूब की मीट फैक्ट्री, दो मकान, छह लग्जरी गाड़ियों को चिन्हित किया गया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में याकूब द्वारा भरे गए चल-अचल संपत्ति के ब्यौरे को जिला निर्वाचन कार्यालय से मांगा गया है। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
सीओ किठौर अमित कुमार राय का कहना है कि याकूब और उनके परिवार की चल-अचल संपत्ति का कुछ रिकॉर्ड पुलिस के पास पहले से मौजूद है। पुलिस फोर्स को लेकर जब्तीकरण की कार्रवाई जल्द शुरू होगी।
अब पुलिस ने याकूब और उनके बेटे इमरान व फिरोज पर एडीजी मेरठ जोन के स्तर से इनाम बढ़वाने की तैयारी कर ली है। एडीजी के स्तर से इनाम बढ़ाकर एक-एक लाख रुपए जल्दी ही हो सकता है। एडीजी कार्यालय ने भी इनाम बढ़ाने की फाइल मांगी है। याकूब परिवार के खिलाफ विदेश भागने की आशंका पर पहले ही लुकआउट नोटिस जारी हो चुका है। इसके बाद भी वे अभी तक फरार है।
गौरतलब है कि याकूब कुरैशी मेरठ शहर और खरखौदा सीट से विधायक रह चुके हैं। इससे पहले वह नगर निगम के डिप्टी मेयर चुने गए थे। बसपा सरकार में राज्य मंत्री चुने गए। सरधना सीट से भी विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। 2019 में मेरठ लोकसभा सीट से भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल के हाथों मामूली मतों से याकूब को हार का सामना करना पड़ा।