नई दिल्ली। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर प्रवासी श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने को लेकर बसें मुहैया कराने को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया है। विपक्षी पार्टी ने कहा कि पहले तो योगी आदित्यनाथ सरकार प्रियंका गांधी के प्रस्ताव को स्वीकार करती है, फिर उसे राजनीतिक रूप देकर अड़चनें डालती है। आखिर इस प्रकार की राजनीति से मजदूरों का लाभ कैसे होगा। भाजपा सरकार को अपना मन साफ कर लोगों की मदद के लिए सामने आना चाहिए।
कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की अजय बिष्ट सरकार घटिया राजनीति की चरम सीमा पर पहुंच गई है। जो वो कर रही है, वो किस उद्देश्य से कर रही है? पिछले कई दिन से बसें खड़ी हैं। आज बुधवार को भी शाम पांच बजे तक राजस्थान से लगी उत्तर प्रदेश सीमा पर खड़ी रहेंगी। उत्तर प्रदेश सरकार को इन्हें जाने की अनुमति देनी चाहिए।
सिंघवी ने तंज कसते हुए कहा कि मजदूरों की मदद में भी जाने कहां से योगी आदित्यनाथ राजनीतिक रंग ले आते हैं? मई के अंत की गर्मी में बच्चे-महिलाएं परेशान हैं और भाजपा सरकार बसें नहीं चलने दे रही, जिससे उप्र-बिहार के लोग अपने घर नहीं पहुंच पा रहे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार असमर्थ है तो फिर प्रियंका गांधी या कांग्रेस पार्टी से मदद लेने में कैसी हिचक। उन्होंने कहा कि भाजपा की इस गंदी राजनीति की भर्त्सना करने के लिए उनके पास शब्द नहीं है। आज पूरा देश इस घटिया राजनीति की निंदा कर रहा है। अब भी समय है। अगर अजय बिष्ट सरकार को जनादेश, मजदूरों, बच्चों की जरा भी शर्म है, तो अपना रवैया बदले।
उल्लेखनीय है कि बसों को मुहैया कराने को लेकर पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस और उत्तर प्रदेश सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि कांग्रेस ने 1000 से अधिक बसों का जो विवरण मुहैया कराया, उनमें कुछ दोपहिया वाहन, एंबुलेस और कार के नंबर हैं। इस पर कांग्रेस ने कहा है कि अगर भेजी गई सूची में से 879 बसों को राज्य सरकार ने सही पाया है तो उन्हें चलाने की अनुमति दे, ताकि जितने लोगों की मदद संभव हो वो की जा सके। सिर्फ आरोप लगाने या गलतियां ढूंढने से मदद नहीं की जा सकती।