लखनऊ। यूपी में बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच अब स्वास्थ्य विभाग का फोकस जीनोम सीक्वेंसिंग से हट रहा है। प्रदेश में 90 फीसदी मामले कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से संक्रमित बताएं जा रहे है। बदली हुई रणनीति के तहत अब केवल ज्यादा गंभीर या अस्पताल में भर्ती होने वाले संक्रमितों के सैंपल ही जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे।
स्वास्थ्य महकमे के बड़े अफसरों की माने तो कोरोना की इस बेकाबू रफ्तार के पीछे ओमिक्रॉन वैरिएंट ही है। इससे पूर्व कोरोना के सभी पॉजिटिव केस की जीनोम सिक्वेंसिंग कराने की बात कही गई थी, हालांकि कोरोना संक्रमण की रफ्तार इस कदर बढ़ी की सभी सैंपल की सिक्वेंसिंग नही हो पाई थी।
कोरोना संक्रमित गंभीर रोगियों के सैंपल ही जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे जाएंगे लैब
उत्तर प्रदेश के कोविड मैनेजमेंट के स्टेट नोडल अफसर डॉ. विकासेंदु अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश में ज्यादातर पॉजिटिव सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग रिपोर्ट में ओमिक्रॉन वैरिएंट की पुष्टि हो रही है। यही कारण है कि अब सभी संक्रमितों के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग कराने के जरुरत नही है। केवल ऐसे ही मरीजों की जीनोम सिक्वेंसिंग की जाएगी जो ज्यादा गंभीर है या फिर उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
उन्होंने यह भी जोड़ा कि जीनोम सिक्वेंसिंग में गहराई से सैंपल की जांच होती है और इस अत्यंत सूक्ष्म परीक्षण को पूरा करने में कई दिन लगते है। तेजी से बढ़ रहे केस का ट्रेंड समझ मे आ गया है और अब फोकस इसके बचाव व ट्रीटमेंट पर रहेगा। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में कोरोना मरीजों में अब डेल्टा वैरिएंट को ओमिक्रॉन रिप्लेस कर चुका है।
गौतमबुद्ध नगर व लखनऊ में दस हजार से ज्यादा ज्यादा एक्टिव केस
यूपी में कोरोना संक्रमण उम्मीद से कई गुना तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार को प्रदेश के 12 जिलों में कोरोना के सक्रिय केस की संख्या एक हजार से ऊपर थी अगले दिन यानी शुक्रवार को 16 जिलों में हजार से ऊपर एक्टिव केस हो गए। इनमें से गौतमबुद्ध नगर व लखनऊ में दस हजार से ज्यादा सक्रिय केस है। प्रदेश में कुल सक्रिय मरीजों की संख्या 71 हजार के पार हो चुकी है।