लखनऊ. योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) के खिलाफ विपक्ष रोजगार (Jobs) का मुद्दा बना रही है. सरकार पर आरोप है कि नौकरियां नहीं दे रही है जिससे प्रदेश में बेरोजगारी बढ़ रही है. वहीं आरोपों-प्रत्यारोंपो से हटकर अगर आंकडो़ं पर नजर डालें तो पता चलता है कि योगी राज में बीते 15 साल में सबसे ज्यादा नौकरियां मिली हैं. योगी के तीन साल ही सपा-बसपा पर भारी पड़ रहे हैं. रोजगार के मामले में विपक्षी योगी के आगे कहीं नहीं टिकते.
3 महीने में ही सपा-बसपा को छोड़ा काफी पीछे
आंकड़ों के मुताबिक यूपी में पिछले 15 साल की सरकारों पर नज़र डालें तो प्रदेश की मौजूदा योगी आदित्यनाथ की सरकार ने केवल तीन साल में ही 3 लाख 35 हजार 120 नौकरियां दी हैं. इनमें सहायक अध्यापकों की 31 हजार 277 भर्ती भी शामिल हैं, क्योंकि नियुक्तियों का रास्ता साफ हो चुका है. योगी राज में भर्तियों की संख्या पिछली सपा-बसपा सरकारों में हुई भर्तियों से कहीं अधिक है. बसपा सरकार ने पांच साल में 91000 और सपा सरकार ने पांच साल में 2.05 लाख नौकरियां दी हैं.
हर साल एक लाख युवाओं को मिला रोजगार
कार्मिक विभाग के आंकड़ों को देखा जाए तो योगी सरकार में अब तक 300526 नौकरियां दी गई हैं. इसका औसत निकाल जाए तो हर साल एक लाख युवाओं को नौकरियां दी गईं. मौजूदा समय 85629 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है. इसे मिला दिया जाए तो यह संख्या 379709 हो जाती हैं.
लोकसेवा आयोग ने मात्र तीन सालों में ही 26103 पदों पर की भर्ती
सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक लोकसेवा आयोग ने मात्र तीन सालों में ही 26103 पदों पर अभ्यर्थियों का चयन किया है. पिछली सपा सरकार में पांच सालों में 26000 अभ्यर्थियों का ही चयन हुआ था, लेकिन यह भर्तियां विवादों में घिरी रहीं और सीबीआई इसकी जांच कर रही है. भाजपा सरकार में हुए चयन में 141 उपजिलाधिकारी, 184 पुलिस उपाधीक्षक, डॉक्टरों में एलोपैथिक 4108, होम्योपैथिक 773, आयुर्वेदिक 969 और डेंटल सर्जन 535 रखे गए. इसके साथ ही पीसीएस जे के पदों पर 610 का चयन हुआ.
इन विभागों में हुईं सरकारी भर्तियां
पुलिस विभाग : 137253
बेसिक शिक्षा : 28622
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन : 26103
उप्र लोक सेवा आयोग : 16708
उप्र अधीनस्थ चयन बोर्ड : 8556
चिकित्सा,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण : 14000
माध्यमिक शिक्षा : 6446
उप्र पॉवर कार्पोरेशन : 4615
चिकित्सा शिक्षा : 1112
सहकारिता : 726
नगर विकास : 700
वित्त : 614
तकनीकी शिक्षा : 365
प्रमोशन देने में भी आगे रहे योगी
नियुक्तियों में जहां रिकार्ड टूटा, वहीं अफसरों को पदोन्नति देने में भी पिछड़ी सरकारों को पीछे छोड़ा गया. लोकसेवा आयोग के आंकड़ों के मुताबिक तीन सालों में 6566 अफसरों को पदोन्नतियां दी गई हैं, जबकि पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल में मात्र 1588 अधिकारियों को ही पदोन्नतियां मिली थीं.
इतना ही नहीं आयोग ने विज्ञापन, परीक्षा कार्यक्रम और परीक्षा परिणाम समय पर घोषित किए. परीक्षा कैलेंडर जारी कर अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए मौका दिया गया. अभ्यर्थियों से हर बुधवार को उनकी समस्याएं सुनकर उसका समाधान किया जा रहा है. इतना ही नहीं तीन सालों में किसी भी परीक्षा के खिलाफ न्यायालय से कोई स्थगनादेश नहीं हुआ.
किसकी सरकार में कितनी नौकरियां
- योगी सरकार ने तीन साल में नौकरियां 3,35,120
- बसपा सरकार ने पांच साल में कुल 91,000 नौकरियां
- सपा सरकार ने पांच साल के दौरान 2.05 लाख नौकरियां