राष्ट्रपति चुनाव जीतीं द्रौपदी मुर्मू, महामहिम बनने वाली पहली आदिवासी

द्रौपदी मुर्मू देश की अगली राष्ट्रपति होंगी। आज सुबह शुरू हुई मतगणना के नतीजे आ गए हैं। जिसमें उन्हें बड़ी जीत हासिल हुई है। हालांकि अभी औपचारिक ऐलान बाकी है। विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा के मुकाबले उन्हें दो तिहाई के करीब वोट मिले हैं। देश के पहले आदिवासी नेता के तौर पर राष्ट्रपति बनने के बाद द्रौपदी मुर्मू को बधाई देने वालों का तांता शुरू हो गया है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने घर पहुंचकर उन्हें बधाई दी। पीएम मोदी ने भी मुर्मू के घर पहुंचकर उन्हें बधाई दी। पीएम ने कहा कि देश ने इतिहास रचा है।

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पहले राउंड में ही दो तिहाई से ज्यादा मिले द्रौपदी को वोट

पहले राउंड की गिनती में द्रौपदी मुर्मू को 748 में से 540 वोट मिले थे। इसके अलावा यशवंत सिन्हा को 208 मत हासिल हुए थे। कुल 748 मत पहले राउंड में वैध पाए गए थे, जिनका मूल्य 5 लाख 23 हजार 600 है। इनमें से 540 वोट द्रौपदी मुर्मू को हासिल हुए थे, जिनका मूल्य 3,78,000 है। वहीं यशवंत सिन्हा पहले ही राउंड में बड़े अंतर से पिछड़ गए थे। उन्हें कुल 208 वोट ही मिले थे, जिनका मूल्य 1,45,600 ही आंका गया।

दूसरे राउंड में द्रौपदी मुर्मू की बढ़त और बढ़ी

द्रौपदी मुर्मू की जो बढ़त पहले राउंड में थी, वह दूसरे चरण की मतगणना में और ज्यादा बढ़ गई। दूसरे राउंड की मतगणना तक कुल 1886 वैध मतों की गिनती की गई, जिनमें से 1349 वोट द्रौपदी मुर्मू को हासिल हुए। इसके अलावा यशवंत सिन्हा को मिलने वाले वोटों की संख्या 537 रही। दूसरे चरण की मतगणना तक द्रौपदी मुर्मू के वोटों का मूल्य 4,83,299 था, जबकि यशवंत सिन्हा को मिले वोटों का मूल्य 1,89,876 ही रह गया। इस तरह पहले चरण से ही द्रौपदी मुर्म ने बड़ी बढ़त को कायम रखा।

विपक्ष के सांसदों की क्रास वोटिंग

भाजपा ने दावा किया है कि पहले दौर में सांसदों की वोटिंग के दौरान विपक्ष के नेताओं ने क्रास वोटिंग की।भाजपा ने तर्क दिया कि उन्हें पहले राउंड में 523 वोट की उम्मीद थी लेकिन मिले 540 वोट।

आदिवासी महिला के नाम पर द्रौपदी मुर्मू को मिला अप्रत्याशित समर्थन

बता दें कि द्रौपदी मुर्मू के नाम का ऐलान भाजपा की ओर से विपक्षी उम्मीदवार यशवंत सिन्हा की घोषणा के बाद किया गया था। इसके बाद भी विपक्षी दलों में से कई पार्टियों ने द्रौपदी मुर्मू को समर्थन किया। बीजेडी, वाईएसआर कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा, अकाली दल, शिवसेना, तेलगु देशम पार्टी समेत कई ऐसे दलों ने द्रौपदी मुर्मू को समर्थन किया, जो एनडीए का हिस्सा नहीं हैं।

देश की पहली महिला आदिवासी उम्मीदवार के नाम पर द्रौपदी मुर्मू को यह समर्थन मिला है। यहां तक कि खुद यशवंत सिन्हा का नाम सुझाने वालीं ममता बनर्जी ने भी चुनाव से कुछ वक्त पहले कहा था कि यदि बीजेपी ने हमें उनके नाम के बारे में पहले ही बताया होता तो हम जरूरी विचार करते।

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