साल 2017, लंदन का साउथ वेस्ट इलाका। 24 साल की जेड मैकक्रॉसेन अपने कुछ दोस्तों के साथ पार्टी करने एक फ्लैट में पहुंचती है। फ्लैट के मेन हॉल में पार्टी शुरू होती है। ड्रिंक्स और नाच-गाने के बीच जेड को नींद आने लगती है। इसके बाद वो हॉल में ही एक सोफे पर सो जाती है।
अगले दिन शाम पांच बजे नींद खुली तो उसकी जींस सोफे के नीचे पड़ी थी। नेकलेस टूटकर फर्श पर बिखरा था। जेड हैरान थी। उसने खुद को संभालते हुए हॉल के चारों ओर नजर घुमाई। वहां एक लड़का था, जो उसकी कुछ दूरी पर सोया हुआ था। उसके शरीर पर भी कपड़े नहीं थे।
जेड ने लड़के को जगाया और पूछा कि उसके साथ क्या हुआ? लड़का सिर्फ इतना कहते हुए घर से बाहर निकल जाता है कि मुझे लगा तुम जगी हुई थी।
जेड अब तक समझ चुकी थी कि उसका रेप हुआ है। उसने रोते हुए पूरी घटना अपनी एक दोस्त को फोन पर बताई। उसकी दोस्त पुलिस को साथ लेकर घटना स्थल पर पहुंची। जांच के बाद लड़के पर रेप का केस दर्ज कर लिया गया।
2020 में केस की सुनवाई शुरू होनी थी, लेकिन उसके ठीक तीन दिन पहले पुलिस ने केस खत्म कर दिया। पुलिस का कहना था कि मेडिकल एक्सपर्टस के अनुसार जेड सेक्ससोम्निया यानी स्लीपिंग सेक्स डिसऑर्डर से पीड़ित हैं। इसलिए ये रेप नहीं, आपसी सहमति से बनाया गया संबंध हो सकता है। अब प्रशासन ने अपने इस ऑब्जर्वेशन के लिए जेड से माफी मांगी है। जिससे ये मामला एक बार फिर सुर्खियों में है।
भास्कर एक्सप्लेनर में जानेंगे कि क्या कोई शख्स नींद में भी संबंध बना सकता है?
सेक्ससोम्नियाः नींद में सेक्स करने की बीमारी
आपने नींद में लोगों के चलने या बात करने के बारे में सुना होगा। आमतौर पर इसे नींद में चलने या बोलने की बीमारी कहते हैं। साइंस की भाषा में इसे पैरासोम्निया कहा जाता है, जो स्लीपिंग डिसऑर्डर है।
इसी तरह की एक बीमारी सेक्ससोम्निया है, जिसे स्लीप सेक्स भी कहा जाता है। सेक्ससोम्निया के केस में व्यक्ति नींद में सेक्सुअली एक्टिव हो जाता है। वो नींद में मास्टरबेशन तक कर सकता है। अपने साथ सोए इंसान के साथ वह नींद में ही सेक्सुअल रिलेशन भी बना सकता है।
इस दौरान उसकी आंखे खुली होती है। ऐसा लगता है कि व्यक्ति जगा हुआ है। पर वास्तव में नींद खुलने के बाद उसे इस बारे में कुछ भी याद नहीं रहता।
अब आपके मन में भी सवाल होगा कि आखिर ये कैसे संभव है? इसे समझने के लिए नींद के अलग-अलग स्टेज को जानना होगा।
सेक्ससोम्निया के दौरान व्यक्ति नॉन रैपिड आई मूवमेंट स्लीप के 3 स्टेज में होता है। जिसकी वजह से वो नींद में क्या करता है, कैसे करता है इसकी बारे में उसे कुछ भी पता नहीं होता।
सेक्ससोम्निया का खतरा पुरुषों में ज्यादा
साल 2018 में सउदी अरब के किंग सऊद यूनिवर्सिटी में फैमिली मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेर्स ने सेक्ससोम्निया 49 मरीजों को चिह्नित किया। इनमें 75% पुरुष थे। अमेरिकन एकेडेमी ऑफ स्लीप मेडिसिन के रिसर्च के मुताबिक सेक्ससोम्निया का खतरा पुरुषों में ज्यादा होता है। उन एड्ल्टस में ये समस्या ज्यादा देखी गई, जिनकी बचपन में नींद में चलने या बोलने की मेडिकल हिस्ट्री रही हो।
डॉक्टरों के मुताबिक लाइफ स्टाइल का भी इसमें बड़ा रोल है। अधिकतर केस में पीड़ित को शराब की लत थी।
अब 2 घटनाओं से समझिए सेक्ससोम्निया कितना खतरनाक…
- साल 2005 में ब्राजील में एक महिला शादी के बाद अचानक एक रात अपने पति को उसके साथ जबरन सेक्सुअल रिलेशनशिप बनाने पर चिल्लाने लग जाती हैं। तब पति कुछ समझ नहीं पाता। एक रात वो अपनी पत्नी को मास्टबेशन करते हुए देखता है। अगली सुबह, इस बारे में जब पूछता है तो पत्नी को कुछ भी याद नहीं होता। इसका असर दोनों के मैरिड लाइफ में पड़ने लगता है। इस बीच दोनों मेडिकल सलाह के लिए पहुंचते हैं, जहां पता चलता है कि महिला को सेक्ससोम्निया है।
- कनाडा के डॉ कॉलिन एम शापिरो के क्लीनिक में एक आरोपी को लाया जाता है। जो अपनी ही 9 साल की बच्ची के साथ सेक्सुअली टच करने के लिए सजा काट रहा था। डॉ. के अनुसार आरोपी अक्सर अपनी पत्नी के साथ नींद में सेक्सुअली रिलेशनशिप बनाया करता था। जब उसने अपनी बच्ची को सेक्सुअली टच किया वो नींद में था। उसे इस बात का बिल्कुल ध्यान नहीं था कि वो किसे टच कर रहा था।
सेक्ससोम्निया के पीड़ित मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टरों के अनुसार
अगर किसी शख्स में ऐसे लक्षण दिखें, तो वो सेक्ससोम्निया से पीड़ित हो सकता है…
- सो रहे पार्टनर के साथ अचानक सेक्स करने की कोशिश कर करता है।
- सेक्स या अन्य किसी सेक्सुअल एक्टिविटी के दौरान बिल्कुल भावशून्य हो।
- असामान्य सेक्सुअल रिस्पांस या ज्यादा एग्रेसिव हो रहा हो।
- नींद से जागने पर उसे घटना के बारे में कुछ भी याद न हो।
‘नींद में सेक्सुअल संबंध बनाने के केस बहुत ही रेयर’
हमने भारत में सेक्ससोम्निया की स्थिति जानने के लिए मशहूर न्यूरोलॉजिस्ट डॉ विपेंद्र शर्मा बात की। उन्होंने कहा– नींद में सेक्सुअल संबंध बनाने के केस बहुत ही रेयर हैं। कुछ ऐसे केस जरूर आएं हैं जिसमें व्यक्ति नींद के दौरान अपने प्राइवेट पार्ट को रब करने लग जाता है। हमारे देश में स्लीपिंग डिसऑर्डर को बीमारी के तौर पर देखते ही नहीं है। यही कारण हैं कि इसके इलाज के लिए भी बहुत कम लोग आते हैं।