उन्नाव। कोरोना वायरस से निपटने को लॉक डाउन के 66 दिनों में लोगों की जिंदगी बदल गई। लॉक डाउन के मायने सीखे तो स्वच्छता के साथ ऑनलाइन कामकाज का हुनर भी सीखा। कोई धैर्यवान हुआ तो कोई कोरोना वायरस के रूप में जनसेवा में जुटा है। बच्चा-बच्चा अब कोरोना ने लड़ना सीख गया है। बड़े लोग क्वारटीनं और सोशल डिस्ट्रिक्ट का मतलब सीख कर अपनी जीवनशैली में ढल चुके हैं।
लॉक डाउन में लोगो की जीवनशैली में सबसे ज्यादा बदलाव स्वच्छता को लेकर आया। लोग घरो में दिन में कई बार अपने हाथो को साबुन से धोने लगे है। सेनेटाइजर का इस्तेमाल करने लगे है। इसके अलावा घरो में साफ सफाई को लेकर अलग माहौल बना हुआ है।
बच्चे करने लगे आनलाइन पढ़ाई
शिक्षा में भी लाकडाउन में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। घरो से बाहर निकलने की बंदिशे व स्कूल कालेज बंद है। ऐसे में सरकारी व निजी स्कूलो के संस्थानो ने आनलाइन बच्चो को पढ़ाई कराना शुरू करा दिया है।
सामाजिक दूरियां भी लोगो ने सीखी
पहले लोग आपस में मिलते थे, करीब आकर बात करते थे। मगर वायरस से बचाव के लिए लोगो ने सामाजिक दूरियां खूब सीखी। लाकडाउन के दौरान लोग आपस में कुछ दूरी रखकर ही अब मिलते है और बात करते है।
पहनावें में जुड़ा मास्क, रूमाल या गमछा
लाकडाउन के दौरान दैनिक पहनावें में एक और चीज अब जुड गई है। वह है मुंह पर मास्क, रूमाल या गमछा है। जिले में सरकारी व समाजसेवियों के जरिए लाखो की संख्या में मास्क वितरित किए गए है।
बिना मास्क पहने लोगो पर करे कार्रवाई- एसपी
रविवार की दोपहर एसपी विक्रांतवीर ने गांधी नगर स्थित शुक्लागंज टेंपो स्टैण्ड पर तैनात पुलिसबल को लॉकडाउन का सख्ती व सुरक्षा के साथ पालन कराने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश दिए। एसपी ने बिना मास्क लगाए बाहर निकलने वाले लोगों पर आवश्यक कार्यवाही के लिए पुलिस निर्देशित किया गया और लोगो को मास्क वितरित किए। इस दौरान शहर कोतवाल दिनेश चंद्र मिश्र मौजूद रहे।
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