चेन्नई। भारत और इंग्लैंड के बीच चेन्नई के चेपक स्टेडियम में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट को लेकर विवाद हो गया। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर शेन वॉर्न स्पिन हो रही पिच को लेकर सोशल मीडिया पर भिड़ गए। वॉन ने सोशल मीडिया पर पहले पोस्ट कर लिखा था कि चेपक का पिच काफी चौंकाने वाला है। यह 5 दिन के टेस्ट के लिए तैयार की गई पिच नहीं है।
वॉर्न ने इसका जवाब देते हुए कहा कि ‘पहले टेस्ट के आखिरी दिन भी पिच पर स्पिनर्स को मदद थी। उस वक्त किसी ने भी कुछ नहीं कहा, जब भारत के जीतने का कोई चांस नहीं था। कम से कम दूसरा टेस्ट पहली गेंद से दोनों टीमों के लिए एक जैसा है। इंग्लैंड ने पहली पारी में खराब गेंदबाजी की और भारत ने इसका फायदा उठाया। पहली पारी में रोहित शर्मा (161 रन), अजिंक्य रहाणे (67 रन) और ऋषभ पंत (58 रन) ने दिखाया कि कैसे बैंटिंग की जाती है।’
पहले दिन बॉल बहुत स्पिन नहीं करती
वॉन यहीं तक चुप नहीं बैठे। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर फिर पोस्ट किया। इस बार उन्होंने कहा कि ऐसा कभी नहीं होता कि पहले दो सेशन में बॉल इतनी स्पिन होती है, जैसा कि इस टेस्ट के पहले दिन से हुआ। ‘जिस तरह से भारत ने इस टेस्ट की पहली पारी में बल्लेबाजी की, अगर उसी तरह से पहले टेस्ट में भी खेला होता, तो मैच ड्रॉ हो जाता। मैं अभी भी यही कहूंगा कि यह एक टेस्ट मैच लायक पिच नहीं है।’
इंग्लैंड ने दूसरे टेस्ट में खराब गेंदबाजी की
इसके जवाब में शेन वॉर्न ने लिखा, ‘इस टेस्ट से ज्यादा भारत को पहले टेस्ट में टॉस जीतना जरूरी था। ऐसा इसलिए क्योंकि पहले टेस्ट में दो दिन तक पिच का बर्ताव समझ नहीं आया था। उसके बाद अचानक से पिच टर्न होने लगी। इंग्लिश टीम की गेंदबाजी अच्छी होती, तो दूसरे टेस्ट की पहली पारी में भारत को 220 तक ऑलआउट कर देती। बॉल पहले दिन से स्पिन हो या स्विंग, इसमें कोई अंतर नहीं है।’
भारतीय लीजेंड गावस्कर भी इस लड़ाई में कूदे
भारत के पूर्व क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भी पिच का समर्थन किया। उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर मार्क बुचर के साथ चर्चा करते हुए कहा, ‘हमने रोहित की 161 रन की पारी को देखा। पिच की आलोचना करना सही नहीं है। इंग्लैंड में तेज गेंदबाजों को मदद करने वाली पिचें होती हैं, लेकिन कोई इसकी चर्चा नहीं करता। बात हमेशा भारतीय पिचों की ही की जाती है और जब भी गेंद टर्न करना शुरु करती है, तभी लोगों को दिक्कत होती है।
गावस्कर ने कहा, ‘अगर पिच खेलने लायक नहीं होती, तो कोई भी टीम 339 रन का स्कोर नहीं बना पाती। ऐसा नहीं है कि पिच खेलने लायक नहीं है। हां, यह चुनौतीपूर्ण पिच है। पहले टेस्ट के पहले दो दिन जब कुछ ऐसा नहीं हुआ तो लोग कह रहे थे यह बोरिंग है। आप हर वक्त शिकायत नहीं कर सकते।’