वोट चाहिए तो कैबिनेट मंत्री बनाओ: निषाद पार्टी के अध्यक्ष ने शाह से पद मांगा, कहा..

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अब क्षेत्रीय पार्टियां भी तेवर दिखाने लगी हैं। अपना दल की नेता अनुप्रिया पटेल की प्रेशर पॉलिटिक्स के बाद अब निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद और राज्यसभा सांसद प्रवीण निषाद ने भाजपा के सामने अपनी शर्तें रख दी है।

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गुरुवार को ये दोनों लोग गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे और बीजेपी का साथ देने के लिए अपनी मांगों को उनके सामने रखा था। आखिर निषाद पार्टी क्या चाहती है और आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति क्या होगी? इसको लेकर दैनिक भास्कर ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद से बात की।

दिल्ली आया हूं, बिना लिए नहीं जाऊंगा
संजय निषाद ने स्वीकार किया कि वो दिल्ली में ही मौजूद हैं और बीजेपी के तमाम बड़े नेताओं से मिलकर न सिर्फ अपनी मांग रख रहे हैं बल्कि फीडबैक भी दे रहें है। संजय निषाद ने कहा कि अमित शाह से मिलने से पहले उन्होंने पार्टी के एमएलसी एके शर्मा, भूपेंद्र यादव, BJP के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी मुलाकात की।

संजय निषाद ने साफ कहा कि वो यूपी में कैबिनेट मिनिस्टर का पद चाहते हैं। संजय निषाद ने कहा कि “अगर BJP को यूपी में निषाद समाज का वोट चाहिए तो फिर हमें कैबिनेट मिनिस्टर बनाना होगा। बीजेपी अपना वादा पूरा करे और निषाद पार्टी को कैबिनेट में जगह दे। ”

उन्होंने कहा कि हमने गृह मंत्री के सामने अपनी बात रख दी है। अधिकारियों की वजह से सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा है। इन पर लगाम लगाने की जरूरत है। अगर निषाद पार्टी को सरकार में उचित जगह नहीं मिलती है, तो इससे निषाद समाज की भावना आहत होगी। और बीजेपी को यूपी में नुकसान उठाना पड़ेगा।”

निषाद को मिला अमित शाह का अश्वासन
इतना ही नही संजय निषाद ने कहा कि ”लोकसभा चुनाव में दोनों पार्टी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, जिसका परिणाम बहुत अच्छा रहा। गठबंधन नीति के तहत पंचायत चुनाव भी दोनों दलों को साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन दोनों दलों के बीच किन्हीं कारणों से तालमेल नहीं बैठ पाया। अलग-अलग चुनाव लड़ने पर दोनों दलों को नुकसान उठाना पड़ा। निषाद पार्टी विधानसभा चुनाव भाजपा के साथ मिलकर लड़ना चाहती है। इससे दोनों दलों को फायदा होगा। लेकिन बीजेपी को इस फायदे के लिए कीमत भी चुकानी पड़ेगी।”

संजय निषाद का कहना है कि अमित शाह ने उन्हें अश्वासन दिया है और कहा है कि फिलहाल आप दिल्ली में रहें। आपकी मांगों पर विचार जरूर किया जाएगा। खुद संजय निषाद भी मानते हैं कि पार्टी इस बार उसकी मांगे जरुर पूरा करेंगी।

यूपी में बीजेपी के लिए क्यों जरुरी है निषाद पार्टी
दरअसल,संजय निषाद दावा करते हैं कि यूपी में निषाद 17 फीसदी हैं और वे 152 विधानसभा सीटों पर प्रभावशाली स्थिति में हैं। खासकर गोरखपुर और आसपास के जिलों में निषाद समाज का प्रभाव है। इसका प्रमाण भी है कि इनके बेटे प्रवीण निषाद गोरखपुर और संतकबीर नगर से लोकसभा का चुनाव लड़े और जीत भी गए।

समाजवादी पार्टी ने 2018 के उपचुनाव में प्रवीण निषाद को गोरखपुर से लोकसभा का टिकट दिया और प्रवीण निषाद बीजेपी को हराकर गोरखपुर के सांसद बन गए। इस घटनाक्रम ने बीजेपी को सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके बाद बीजेपी ने निषाद पार्टी को अपने साथ में मिला लिया और प्रवीण को संतकबीर नगर से साल 2019 में लोकसभा का टिकट दिया। प्रवीण निषाद फिलहाल संतकबीर नगर से बीजेपी के सांसद हैं।

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