इटावा। समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव के निधन की खबर मिलते ही जनपद में शोक की लहर दौड़ गई है। वहीं पैतृक ग्राम सैफई और आवास में मातम छा गया है। गांव में सुबह नेताजी के निधन की जानकारी हुई तो लोग गमगीन हो गए। सुबह से ही आवास के बाहर समर्थकों का तांता लगना शुरू हो गया है और पुलिस-प्रशासन के अधिकारी भी पहुंच गए हैं।
समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं संरक्षक मुलायम सिंह यादव बीमारी के चलते दिल्ली के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे। सोमवार की सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली तो समर्थकों में शोक की लहर दौड़ गई। इसकी जानकारी पैतृक ग्राम सैफई पहुंची तो लोग गमगीन हो गए। नेताजी का पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाए जाने की जानकारी के बाद आवास के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटना शुरू हो गई है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं और आवास के बाहर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है।
एसडीएम ज्योत्सना बंधु व सीओ नागेंद्र चौबे ने भी आवास के बाहर सुराक्षा तैयारियाें का जायजा लिया। पुलिस व्यवस्था के इंतजाम किए जा रहे हैं, दिल्ली मेदांता अस्पताल से पार्थिव शरीर इटावा सैफई लाया जा रहा है। यहां पर 11 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे पारिवारिक समाधि स्थल पर अंतिम संस्कार होगा।
यहीं पर उनके भाई रतन सिंह यादव का भी अंतिम संस्कार किया गया था। पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए सैफई पंडाल में मंगलवार की सुबह लाया जाएगा, इसके दोपहर में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सैफई में समाधि स्थल पर सफाई का कार्य शुरू कर दिया गया है और अंतिम दर्शन के लिए पंडाल की भी तैयारी की जा रही है। आसपास के क्षेत्रों के लोगों का आना शुरू हो गया है। आवास का काम देखने वाले विजय सिंह शाक्य व ग्राम प्रधान सैफई रामफल वाल्मीकि व्यवस्थाओं को देख रहे हैं।