अयोध्या। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम एयरपोर्ट मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में आज धर्मपुर सहादत के 107 किसानों की याचिका पर सुनवाई होनी है। हाईकोर्ट ने पिछली सुनवाई पर (26 जून) जिलाधिकारी अनुज कुमार झा, उप जिलाधिकारी सदर और तहसीलदार को तलब किया था। प्रशासनिक अधिकारी आज अधिग्रहण नीति पर अपना जवाब दाखिल करेंगे। सुनवाई को लेकर किसानों में काफी उत्साह है।
किसान दिलीप तिवारी और अखिलेश तिवारी पर केस दर्ज
वादकारियों का आरोप है कि दो महीने से उन्हें अधिकारियों द्वारा डराया धमकाया और प्रताड़ित किया जा रहा है। गांव के ही दो किसान दिलीप तिवारी और अखिलेश तिवारी पर कई धाराओं में प्रशासन ने फर्जी मुकदमा भी दर्ज करा दिया है। इसके बाद हाईकोर्ट से किसानों को बहुत उम्मीदें हैं। आरोप है कि अभी भी धर्मपुर सहादत गांव में अधिकारियों की टीम पुलिस बल के साथ आती है, और डराने धमकाने का दौर जारी है।
अमीन पर धमकाने का आरोप
धर्मपुर के किसानों का कहना है कि अमीन अरविंद सिंह डराते-धमकाते हैं। वे कहते हैं, कि जमीन लिख दो नहीं तो आप लोगों को डंडा मारकर खदेड़ा जाएगा। यह प्रकरण तब का है जब हाई कोर्ट द्वारा अयोध्या के कई अधिकारी प्रताड़ना के मामले में तलब हुए हैं। 28 जून को धर्मपुर में अधिकारियों की टीम गई और किसानों से कहा कि किसान मुकदमे की पैरवी न करें। प्रशासन कभी भी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मुआवजा बढ़ोतरी की घोषणा कर सकता है।
गंगा के किसानों को हाईकोर्ट से मिली थी राहत
इससे पहले गंजा के किसानों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल चुकी है। हाईकोर्ट ने गंजा के किसानों की जमीन भूमि अधिग्रहण बिल 2013 के तहत ही लिए जाने के आदेश दिए हैं। किसानों द्वारा एक और रिट सहमति से बैनामा के बाद मुआवजा बढ़ोतरी को लेकर की गई थी, जिसको हाईकोर्ट खारिज कर चुका है।
हाईकोर्ट ने कहा, अगर आप सहमति से जमीन लिखते हैं तो फिर आप दोबारा मुआवजा बढ़ोतरी का दावा नहीं कर सकते। हाईकोर्ट ने कहा कि सिविल कोर्ट में बैनामा कैंसिलेशन का मुकदमा कर सकते हैं। बता दें कि अधिकारियों द्वारा लगातार किसानों को यह कहकर भी भड़काया जाता था कि अभी बैनामा कर दीजिए बाद में जो रेट बढ़ेगा वह भी मिलेगा।