लखनऊ। समान नागरिक संहिता को लागू करने की उत्तराखंड सरकार की पहल के बाद अब उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी इस दिशा में कदम बढ़ा सकती है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की ओर से यह कहे जाने के बाद कि राज्य सरकार प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है, अब अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी इस मुद्दे पर बयान दिया है।
दानिश आजाद अंसारी ने कहा है कि प्रदेश सरकार जनता, खासतौर पर मुसलमानों को समान नागरिक संहिता के फायदे बताएगी। इसके लिए पूरे प्रदेश में कौमी चौपालें आयोजित की जाएंगी। दानिश ने कहा कि समाज की प्रगति के साथ कई बदलाव आवश्यक हो जाते हैं। समाज की तरक्की का यह सिलसिला जारी रहे, इसके लिए बदलाव जरूरी हैं। ऐसे बदलाव लाने के लिए कानून बनाये जाते हैं।
अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने कहा कि सरकार मुसलमानों और अल्पसंख्यकों की प्रगति चाहती है। इसी लिए वह तीन तलाक कानून लेकर आई जिससे मुस्लिम बहनों को फायदा हुआ। राज्य सरकार के लिए जनता का मत काफी महत्वपूर्ण है और उसका कोई भी निर्णय जनसामान्य की बेहतरी के लिए होगा।
इसी कड़ी में उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता के मुद्दे को लेकर हम जमीनी स्तर पर जाएंगे और समाज को, विशेष तौर पर मुसलमानों को इसके फायदे बताएंगे। हम कौमी चौपालों का आयोजन कर उनके सामने सरकार की मंशा को रखेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मुसलमानों का विश्वास जीतने में सफल रही है। जो अल्पसंख्यक विरोधी हैं, वे सत्ता से बाहर हैं।
दानिश आजाद अंसारी का यह बयान आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड की ओर से समान नागरिक संहिता को असंवैधानिक और मुस्लिम विरोधी करार दिये जाने के बाद आया है। मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड ने समान नागरिक संहिता को असंवैधानिक और अल्पसंख्यक विरोधी बताते हुए सरकार से इसे लागू न करने की अपील की है।
आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के महासचिव हजरत मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी ने कहा कि भारत के संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को उसके धर्म के अनुसार जीवन व्यतीत करने की अनुमति दी है। इसे मौलिक अधिकारों में शामिल रखा गया है।
इसी अधिकारों के अंतर्गत अल्पसंख्यकों और आदिवासी वर्गों के लिए उनकी इच्छा और परंपराओं के अनुसार अलग-अलग पर्सनल ला रखे गए हैं, जिससे देश को कोई क्षति नहीं होती है, बल्कि यह आपसी एकता एवं बहुसंख्यक और अल्पसंख्यक के बीच आपसी विश्वास बनाए रखने में मदद करता है।