अहमदाबाद। भारत में नेताओं के बारे में हमेशा यह बात कही जाती रही है कि वह चुनाव जीतने के बाद गायब हो जाते है। जब फिर चुनाव पास आते हैं तो वह फिर सामने आ जाते है। यह बात आम हो चुकी है। वहीं अहमदाबाद में आज बेहद दिलचस्प नजारा दिखाई दिया। बात यह है कि अहमदाबाद पूर्व के भाजपा सांसद परेश रावल भी इस लिस्ट में शामिल हो गये है। उल्लेखनीय है कि फिल्म अभिनेता, भाजपा नेता परेश रावल अहमदाबाद पूर्व लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं। उन्हें चुनाव जीते चार साल हो गए पर वे कभी भी अपने क्षेत्र में नहीं दिखाई दिए, इसलिए क्षेत्र में उनके ‘गुमशुदा’ होने के पोस्टर लगाए गए हैं। विधायकों और सांसदों को अपने क्षेत्र की नुमाइंदगी करने के लिए लोग नेताओं को वोट देकर जिताते हैं। जनता अपने क्षेत्र की समस्याओं को हल करने के लिए इन जन प्रतिनिधियों के पास जाती है लेकिन कई बार ऐसी स्थिति बन जाती है कि चुने हुए जन प्रतिनिधि अपने क्षेत्र में मुंह भी नहीं दिखाते। कमोबेश, ऐसी ही स्थिति यहां बनी है, क्षेत्रीय सांसद और फिल्म अभिनेता परेश रावल की है।
उल्लेखनीय है कि वहां की जनता अपने सांसद से बहुत नाराज चल रही है। जिससे 2019 में होने वाले चुनावों में इसका नुकसान भाजपा को सहना पड़ सकता है। यह बात भी उल्लेखनीय है कि पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा का गढ़ माना जाने वाला गुजरात कांग्रेस के हाथ जाते जाते बच गया था। पोस्टर में यह घोषणा भी की गई है कि उन्हें निर्वाचन क्षेत्र में लाने वाले को 21 हजार रुपए ईनाम स्वरूप दिए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, परेश रावल की गुमशुदगी के ये पोस्टर युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगाए हैं। उन पर आरोप है कि वे चुनाव जीतने के बाद कभी क्षेत्र में दिखाई नहीं दिए। अहमदाबाद शहर युवक कांग्रेस के अध्यक्ष भुमन भट्ट ने बताया कि अहमदाबाद पूर्व के लोकसभा सांसद परेश रावल चुनाव जीतने के बाद कभी अहमदाबाद नहीं आए। आए भी तो अपने काम से और अपने नेताओं को खुश करने के लिए। जनता चार साल से उनकी बाट जोह रही है। अब देखना होगा कि परेश रावल इस बारे में क्या कहते हैं। वह अपने संसदीय इलाके में जाकर जनता का आक्रोश शांत करते हैं या नहीं?