कोलकाता। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बुधवार को तबाही मचाने के बाद भीषण चक्रवाती तूफान अम्फान अब धीमा पड़ने लगा है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया कि तूफान की वजह से बंगाल में 72 लोगों की मौत हुई है। राज्य में 5500 घर तबाह हो गए, हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है 72 लोगों की मौत हुई है। राज्य में 5500 घर तबाह हो गए, हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। ऐसी तबाही कभी नहीं देखी। ममता ने कहा- मैं प्रधानमंत्री मोदी से अपील करूंगी कि वे खुद बंगाल आएं और यहां के हालात देखें।
प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा- बंगाल में तूफान से हुई तबाही की तस्वीरें देखीं। पूरा देश मजबूती के साथ बंगाल के साथ खड़ा है। राज्य के लोगों की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहा हूं। प्रभावितों की मदद में कोई कसर बाकी नहीं रखी जाएगी।
Have been seeing visuals from West Bengal on the devastation caused by Cyclone Amphan. In this challenging hour, the entire nation stands in solidarity with West Bengal. Praying for the well-being of the people of the state. Efforts are on to ensure normalcy.
कोलकाता में 190 किमी/घंटा की रफ्तार से चली थीं हवाएं
मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान 27 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके और कमजोर होने के आसार हैं। तूफान की वजह से असम, मेघालय में आज हल्की बारिश और 30-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। तूफान की वजह से बुधवार को पश्चिम बंगाल में हवा की रफ्तार 190 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी।
गृह मंत्रालय की टीम दोनों प्रदेश जाएगी
कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गाबा ने गृह मंत्रालय के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वह दोनों प्रदेशों के सरकार के संपर्क में रहें। किसी भी तरह की जरूरत पड़ने पर मदद करें। यह भी तय हुआ कि जल्द ही गृह मंत्रालय की एक टीम दोनों प्रदेशों का दौरा करेगी और तूफान से होने वाले नुकसान का आंकलन करेगी।

6.6 लाख लोग पहले ही सुरक्षित जगह पहुंचा दिए थे
तूफान बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे कोलकाता पहुंचा। शाम साढ़े सात बजे हवा की रफ्तार धीमी हुई। इन 5 घंटों में तूफान काफी तबाही मचा चुका था। तूफान आने से पहले ही 6.6 लाख लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिए गए थे। बंगाल में पिछले तीन दिन में 5 लाख लोग तटीय इलाकों से हटाकर शेल्टर होम पहुंचा दिए थे। ओडिशा में 1.6 लाख लोग रेस्क्यू किए गए। मौसम विभाग के डीजी मृत्युंजय महापात्रा का कहना है कि तूफान के रास्ते और समय का सही आकलन होने से रेस्क्यू में काफी मदद मिली।

तूफान से ओडिशा और बंगाल में कितने जिले प्रभावित?
ओडिशा के 9 जिले पुरी, गंजम, जगतसिंहपुर, कटक, केंद्रापाड़ा, जाजपुर, गंजाम, भद्रक और बालासोर प्रभावित हैं। पश्चिम बंगाल के तटीय जिले पूर्वी मिदनापुर, 24 दक्षिण और उत्तरी परगना के साथ ही हावड़ा, हुगली, पश्चिमी मिदनापुर और कोलकाता पर तूफान का असर रहा।

कोलकाता एयरपोर्ट पर भारी तबाही
तूफान के चलते कोलकाता एयरपोर्ट पर भारी तबाही हुई है। पूरा एयरपोर्ट पानी से भर गया है। शेड गिरने से कई विमान भी क्षतिग्रस्त हो गया है। अब एयरपोर्ट अथॉरिटी पानी निकालने की कोशिश में जुटा हुआ है। तूफान से हुए नुकसान का आंकलन भी किया जा रहा है।
एनडीआरएफ चीफ एसएन प्रधान ने कहा कि कोरोनाकाल में ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राहत बचाव कार्य करना बड़ी चुनौती है। तूफान से आई तबाही से लोगों के घर बर्बाद हो गए हैं। सड़कों पर बड़े-बड़े पेड़ और बिजली के खंभे टूटकर गिरे हैं। इन सब को साफ किया जा रहा है। सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन के नियमों का पालन भी किया जा रहा है।
