सुप्रीम कोर्ट ने कहा, हम शवों से ज़्यादा ज़िंदा लोगों के इलाज पर चिंतित

– हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा, कैसे हो रहा है कोविड के शवों का अंतिम संस्कार 
नई दिल्ली। दिल्ली के हेल्थ सेक्रटरी, चीफ सेक्रेटरी और एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार दिल्ली हाई कोर्ट को ये आश्वस्त करे कि शवों का अंतिम संस्कार करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। याचिका पर अगली सुनवाई 15 जून को होगी।
कोर्ट ने कहा कि हम शवों से ज्यादा जिंदा लोगों के इलाज को लेकर चिंतित हैं। यह याचिका वकील अवध कौशिक ने दायर की है, जिसमें कहा गया है कि मीडिया में चल रहे वीडियो में दिखाया गया है कि कोरोना संक्रमित शवों को उन्हीं वार्ड के कॉरीडोर में रखा गया है जहां कोरोना मरीजों का इलाज चल रहा है। ये वीडियो भयावह हैं। याचिका में कहा गया है कि हेल्थ सेक्रटरी, चीफ सेक्रेटरी और एलएनजेपी अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर ने खुद के हलफनामे का उल्लंघन किया है जिसमें कहा गया था कि कोई भी शव अस्पताल के वार्ड या कॉरिडोर में नहीं रखे जाएंगे।
याचिका में इन अधिकारियों को कोर्ट में स्वयं उपस्थित होकर इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश देने की मांग की गई है। ये अफसर कोर्ट में दिए हलफनामे का भी पालन नहीं कर रहे हैं। याचिका में एलएनजेपी अस्पताल का निरीक्षण कर वहां की स्थिति पर एक रिपोर्ट सौंपने के लिए एक कमेटी का गठन किए जाने की मांग की गई है।
याचिका में कहा गया है कि दिल्ली सरकार ने हाल ही में कोर्ट को ये आश्वासन दिया कि शवों का अंतिम संस्कार समयबद्ध तरीके से किया जाएगा, लेकिन हाल में खबरों के वीडियो में दिखाया गया है कि शवों या बेहोश मरीजों को उसी वार्ड के फर्श पर या बेड के नीचे रखे गए हैं जहां कोरोना के मरीजों का इलाज चल रहा है। ये खबरें इन अधिकारियों के खिलाफ अवमानना की प्रक्रिया शुरू करने के लिए पर्याप्त हैं।
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