भोपाल। लोकसभा चुनावों की आहट के बाद पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनावों पर सभी की नजरें टिकी हुई है। माना जा रहा है कि इन चुनावों में जिसे बढ़त मिलेगी उसे लोकसभा चुनावों में भी फायदा होगा। उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश में बुधवार को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए मतदान में पांच करोड़ से अधिक मतदाता 2,899 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। भारतीय निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, संवेदनशील मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग एवं सीसीटीवी की व्यवस्था की गई है। वेबकास्टिंग के माध्यम से 6,655 मतदान केंद्रों पर लाइव प्रसारण और 6,400 मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा से विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। इस कार्य के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक अतिरिक्त व्यक्ति भी नियुक्त किया गया है।
राज्य के संवेदनशील जिलों में सुरक्षा बल की ज्यादा कंपनियां तैनात की गई हैं। बालाघाट जिले में केंद्रीय सुरक्षाबलों की 76 कंपनियां, भिंड में 24, ङ्क्षछदवाड़ा और मुरैना में 19-19, सागर और भोपाल में 18-18 कंपनियां तैनात की गई हैं। प्रदेश के 85 प्रतिशत पुलिस बल और होमगार्ड के 90 प्रतिशत बल चुनाव कार्य में तैनात किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था के लिये बालाघाट, मंडला और भोपाल में एक-एक हेलीकप्टर तैनात रहेंगे। संचार व्यवस्था बेहतर करने के लिए 20 सेटेलाइट फोन एवं 28 हजार वायरलेस सेट चुनाव में उपयोग किए जा रहे हैं।
राज्य में बुधवार को होने वाले मतदान के लिए चुनाव कर्मचारियों की मंगलवार की सुबह से रवानगी शुरू हो गई। कर्मचारी चुनाव सामग्री लेकर अपने-अपने मतदान केंद्रों की ओर रवाना हो रहे हैं। कर्मचारियों को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए चुनाव आयोग ने विशेष इंतजाम किए हैं। राज्य के 230 विधानसभा क्षेत्रों में मतदान होना है। इनमें से 227 मतदान केंद्रों में सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक और तीन मतदान केंद्रों बैहर, लांजी और परसवाड़ा जो नक्सल प्रभावित है, वहां मतदान सुबह सात से दोपहर तीन बजे तक होगा।
आयोग के अनुसार, प्रदेश में कुल पांच करोड़ चार लाख से ज्यादा मतदाता मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें पुरुष मतदाता 2,63,14,957 और महिला मतदाता 2,40,77,719 हैं। मतदाताओं में 18 से 19 साल के 15,78,167 (3.13 प्रतिशत), 20 से 29 साल के 1,37,83,383 (27.38 प्रतिशत), 30 से 39 साल के 1,28,74,974 (25. 58 प्रतिशत), 40 से 49 साल के 99,30,546 (19. 73 प्रतिशत) मतदाता है। प्रदेश में कुल 65,341 मतदान केंद्र हैं जिनमें से शहरी क्षेत्र में 17,036 जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 48,305 मतदान केंद्र हैं। वहीं मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार को स्वर्ण और ओबीसी जनता की नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है क्योंकि केन्द्र की भाजपा सरकार के एससी/एसटी कानून का मध्य प्रदेश का बड़ा तबका विरोध कर रहा है। इसको देखते हुए मध्य प्रदेश का चुनाव काफी रोमांचक दिख रहा है।