मुंबई। रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ और एंकर अर्णब गोस्वामी पर मुंबई में बुधवार देर रात दो लोगों ने हमला करने की कोशिश की। जब वे इसमें नाकाम रहे तो कार पर स्याही फेंक दी। घटना के वक्त उनकी पत्नी समिया गोस्वामी भी साथ थीं। एमएम जोशी पुलिस स्टेशन में आईपीसी की धारा 341, 504 के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। दोनों आरोपियों को पकड़ लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है।
इस संबंध में एमएम जोशी पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि घटना गणपतराव कदम मार्ग पर उस समय हुई जब गोस्वामी लोअर परेल में बॉम्बे डायिंग कॉम्प्लेक्स स्थित एक स्टूडियो से लौट रहे थे। अधिकारी ने बताया कि हमलावरों ने गोस्वामी की कार से आगे निकलकर इसे रुकवा लिया। इनमें से एक ने कथित तौर पर अपने हाथों से बार-बार हमला कर गाड़ी का शीशा तोड़ने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि हमलावरों के पास स्याही से भरी एक बोतल थी जो उन्होंने गोस्वामी की कार पर फेंक दी। गोस्वामी के पीछे वाली कार में चल रहे उनके सुरक्षाकर्मियों ने दोनों लोगों को पकड़ लिया और उन्हें एन एम जोशी मार्ग पुलिस को सौंप दिया।
कथित हमले के बाद पोस्ट किए गए एक वीडियो में गोस्वामी ने कहा कि उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें बताया कि हमलावर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता हैं। उधर, सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि हम अर्णब गोस्वामी पर हमले की कोशिश की निंदा करते हैं। अगर इस मामले में शिकायत हुई है तो पुलिस को मौजूदा कानून के मुताबिक कार्रवाई करनी चाहिए।
हमले की जानकारी अर्णब ने एक वीडियो जारी कर दी
#BREAKING | Arnab’s message after being physically attacked by Congress goons #SoniaGoonsAttackArnab https://www.republicworld.com/livetv.html
न्यूज चैनल का ट्वीट
#SoniaGoonsAttackArnab | कांग्रेस के गुंडो ने अर्नब गोस्वामी के कार पर किया हमला, हमले के वक्त पत्नी भी थीं साथ https://bharat.republicworld.com/livetv
सोनिया गांधी को लेकर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी
- अर्णब ने आचार्य प्रमोद कृष्णन से कहा कि अगर किसी पादरी की हत्या होती तो आपकी पार्टी और आपकी पार्टी की ‘रोम से आई हुई इटली वाली’ सोनिया गांधी बिलकुल चुप नहीं रहतीं। अर्णब ने कहा, “सोनिया गांधी तो खुश हैं। वो इटली में रिपोर्ट भेजेंगी कि देखो, जहां पर मैंने सरकार बनाई है, वहां पर हिन्दू संतों को मरवा रही हूं। वहां से उन्हें वाहवाही मिलेगी। लोग कहेंगे कि वाह, सोनिया गांधी ने अच्छा किया। इन लोगों को शर्म आनी चाहिए। क्या उन्हें लगता है कि हिन्दू चुप रहेंगे? आज प्रमोद कृष्णन को बता दिया जाना चाहिए कि क्या हिन्दू चुप रहेंगे? पूरा भारत भी यही पूछ रहा है। बोलने का समय आ गया है।”
- इस बीच, नागपुर में अर्णब के खिलाफ दंगा उकसाने के आरोप में एक केस दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र के ऊर्जा मंत्री नितिन राउत ने अर्णब की गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने ट्वीट में लिखा, ‘ कुछ मीडिया हाउस हमेशा नफरत फैलाने के लिए तैयार रहते हैं और अपने टीवी चैनलों के जरिए समाज को बांटते हैं।’
नागपुर में आईपीसी की 11 धाराओं में अर्नब के खिलाफ भी केस दर्ज
टीवी डिबेट के दौरान कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी पर कथित अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितिन राउत और बालासाहेब थोराट अर्णब गोस्वामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने की बात कही है। इस बीच नागपुर में दंगे भड़काने के आरोप में अर्नब के खिलाफ आईपीसी की धारा 153, 153A, 153B, 295A, 208, 500, 504, 505(2), 506, 120B और 117 में केस दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र के उर्जा मंत्री नितिन राउत ने ट्विटर पर अर्णब की गिरफ्तारी की मांग करते हुए लिखा, कुछ मीडिया हाउस हमेशा नफरत फैलाने के लिए तैयार रहते हैं और अपने टीवी चैनलों के जरिए समाज को बांटते हैं। पहले उन्होंने पालगढ़ को सांप्रदायिक बनाने की कोशिश की। फिर अर्नब ने सोनिया गांधी के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की और उन्हीं को इस लिंचिंग के लिए दोषी ठहराया। यह शर्मनाक है।
मंत्री नितिन राउत का ट्वीट…
Couple of media houses are always ready to spread hate and divided the society by their TV channels.
They tried to communalise Palgarh lynching.
Now Arnab made derogatory remarks against Smt. Sonia Gandhi ji and blame her for the lynching. It’s shameful #ArrestAntiIndiaArnab
एडिटर गिल्ड ऑफ इंडिया से इस्तीफा दे चुके हैं अर्णब
अर्णब गोस्वामी ने हाल ही में एक लाइव शो के दौरान ही एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया से त्यागपत्र दे दिया था। अर्णब ने अपने इस्तीफे के लिए एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के गिरते हुए मूल्यों को जिम्मेदार बताया था। उन्होंने कहा था, “एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने व्यक्तिगत पूर्वग्रहों के लिए नैतिकता से समझौता किया है। वह काफी लंबे वक्त से एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया के सदस्य हैं, लेकिन अब यह मात्र कुछ लोगों का समूह है, जिनमें फेक खबरों को फेक कहने का दम नहीं है।’