भोपाल। मध्यप्रदेश के सीधी में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। करीब 54 यात्रियों से भरी बस बाणसागर नहर में गिर गई। अब तक 45 शव मिल चुके हैं। 6 लोग बचा लिए गए। ड्राइवर खुद तैरकर बाहर आ गया। उसे हिरासत में लिया गया है। रेस्क्यू खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी सभी जरूरी निर्देश दे दिए हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने बस दुर्घटना के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की मंजूरी दी है। वहीं, गंभीर रूप से घायल लोगों को 50,000 रुपये का एलान किया गया है। पीएमओ द्वारा यह जानकारी दी गई है।
अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से की बात
उधर, गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से हादसे के बारे में बात की। गृह मंत्री ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। शाह ने ट्वीट करते हुए लिखा,’ सीधी जिले में हुआ बस हादसा बहुत दुःखद है, मैंने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जी से बात की है। स्थानीय प्रशासन राहत व बचाव के लिए हर संभव मदद पहुंचा रहा है। मैं मृतकों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं व घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।
बस सीधी से सतना जा रही थी। हादसा रामपुर के नैकिन इलाके में सुबह करीब 7:30 बजे हुआ। हादसे के चार घंटे बाद 11:45 बजे क्रेन की मदद से बस को बाहर निकाला गया। नहर की गहराई 20 से 22 फीट बताई जा रही है। जिस वक्त हादसा हुआ, तब बहाव तेज था, लिहाजा यात्रियों को संभलने का मौका नहीं मिला। मृतकों में 12 छात्र भी थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजन को 2-2 लाख रुपए की सहायता देने का ऐलान किया है।

तुलसी सिलावट ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया
मध्य प्रदेश के मंत्री तुलसी सिलावट ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया है। उन्होंने कहा कि इस दुखद घटना ने पूरे प्रदेश के दिल और दिमाग को झकझोर कर रख दिया है। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सुबह से ही हादसे की मिनट टू मिनट डिटेल ले रहे हैं। आगे उन्होंने कहा मुख्यमंत्री के निर्देश अनुसार, हम सीधी जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि संबंधित अधिकारियों से बातचीत करने के बाद पता चला है कि लगभग 30 शव वहां मिल चुके हैं।


बस को संकरे रास्ते से ले जा रहा था ड्राइवर
पुलिस के मुताबिक, बस में 32 लोग बैठाए जा सकते थे, लेकिन इसमें 54 यात्री भर लिए गए। बस को सीधी मार्ग पर छुहिया घाटी से होकर सतना जाना था, लेकिन यहां जाम की वजह से ड्राइवर ने रूट बदल दिया। वह नहर के किनारे से बस ले जा रहा था। यह रास्ता काफी संकरा है। इसी दौरान ड्राइवर ने नियंत्रण खो दिया।
झांसी से रांची जाने वाला हाईवे सतना, रीवा, सीधी और सिंगरौली होते हुए जाता है। यहां जगह-जगह सड़क खराब और अधूरी है। इस वजह से यहां आए दिन जाम लगा रहता है।
यात्रियों के टोकने पर भी ड्राइवर ने स्पीड कम नहीं की
हादसे में बचे यात्रियों ने बताया कि ड्राइवर काफी स्पीड में बस चला रहा था। लोगों ने उससे कई बार रफ्तार कम करने को कहा, लेकिन वह नहीं माना। इसी दौरान उसने कंट्रोल खो दिया और बस नहर में गिर गई। जितने भी लोग बस से बाहर आ पाए वे सभी पीछे की सीटों पर बैठे थे। बस के नहर में डूबने के दौरान उन्हें थोड़ा सा वक्त मिला जिससे वे बाहर आ गए और तैरकर किनारे पहुंचे।
SDRF और गोताखोरों की टीम रेस्क्यू में जुटी
स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF) की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है। गोताखोर भी मौजूद हैं। नहर में पानी का बहाव तेज होने की वजह से रेस्क्यू टीम को जलस्तर कम होने का इंतजार करना पड़ा। आशंका है कि तेज बहाव के कारण लोग घटनास्थल से काफी दूर बह गए होंगे। फिलहाल बाणसागर डैम से नहर का पानी रोक दिया गया है। नहर का जलस्तर कम करने के लिए इसके पानी को सिहावल नहर में भेजा जा रहा है।

शाह का कार्यक्रम रद्द
मंगलवार यानी 16 फरवरी को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 1.10 लाख लोगों के गृह प्रवेश का कार्यक्रम था। इसमें अमित शाह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल होना था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ऐलान किया कि हादसे के चलते अब कार्यक्रम संभव नहीं होगा। कलेक्टर, SP समेत कई आला अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं।