अफगानिस्तान के कुंदुज शहर में शुक्रवार को शिया मस्जिद में नमाज के दौरान जोरदार धमाका हुआ। इसमें 100 लोगों की मौत हो गई और 25 घायल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मस्जिद में करीब 300 लोग मौजूद थे। कुंदुज के उप पुलिस प्रमुख मोहम्मद ओबैदा ने बताया कि मस्जिद में मौजूद ज्यादातर लोग मारे गए हैं।
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सूचना और संस्कृति के डिप्टी मंत्री जबीउल्ला मुजाहिद ने धमाके की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि आज दोपहर में कुंदुज के खानाबाद बंदार इलाके में शिया मस्जिद को निशाना बनाकर आत्मघाती हमला हुआ। इसमें हमारे देश के कई लोग शहीद हो गए और कई घायल हुए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी अभी तक किसी आतंकी संगठन ने नहीं ली है।

मस्जिद में धमाके के बाद का नजारा बेहद भयावह है। यहां खून, फटे कपड़े और मस्जिद में टूट-फूट नजर आ रही है।

मस्जिद की सीढ़ियों पर खून ही खून नजर आ रहा है। इस तस्वीर को देखकर धमाके की भयावहता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि नमाज अदा करने के दौरान उन्होंने विस्फोट की आवाज सुनी। चारों ओर अफरा-तफरी मच गई थी।

अफगानिस्तान में ISIS लंबे वक्त से शिया मुस्लिमों पर हमला करता रहा है। अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद तालिबान राज में यह अब तक का सबसे बड़ा हमला बताया जा रहा है।

धमाके के बाद धुंआ छंटने पर जब आसपास के लोग मस्जिद के भीतर पहुंचे तो चारों ओर खून ही नजर आ रहा था। घायलों की चीख-पुकार मची हुई थी।

स्थानीय बिजनेसमैन जालमई अलोकजई हमले के बाद अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि मैंने 50 से ज्यादा शव देखे।

एंबुलेंस के जरिए घायलों को अस्पताल ले जाया गया। घायलों की संख्या को देखते हुए मरने वालों की तादाद बढ़ने की आशंका है।

एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि एंबुलेंस शवों को वापस लेने के लिए घटनास्थल पर जा रही थीं। यह सिलसिला काफी देर तक चलता रहा।

घायलों और शवों को चादर में लपेटकर मस्जिद से बाहर ले जाया गया। स्थानीय लोगों ने इसमें काफी मदद की।

अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में काबिज होने के बाद हमलों में तेजी आई है। तालिबान शासन में पहला बड़ा हमला 26 अगस्त को काबुल एयरपोर्ट के बाहर हुआ था।