5G का इंतज़ार खत्म, 2 से 3 महीने में भारत में शुरू हो सकते हैं ट्रायल!

भारत के टेलीकॉम दिग्गज रिलायंस जियो (Reliance Jio) और एयरटेल (Airtel) साल की दूसरी तिमाही में 5G सर्विस की शुरुआत करने का दावा कर चुके हैं। Airtel ने हाल ही में हैदराबाद में 5G का लाइव डेमो भी दिया था। भारत में 5G का इंतज़ार लंबे समय से हो रहा है और अब यदि एक ताज़ा रिपोर्ट के मुताबित, यह इंतज़ार जल्द खत्म हो सकता है।

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5G के ट्रायल को लेकर संसद की एक समिति ने DoT को फटकार लगाई थी और अब दूरसंचार विभाग ने इस समिति को 5G पर पूछे गए सवालों के जवाब दिए हैं। DoT ने कहा है कि भारत में 5G का ट्रायल दो से तीन महीने में शुरू हो सकता है। विभाग ने आगे यह भी बताया है कि उन्हें 5G के ट्रायल के लिए कुल 16 आवेदन मिले हैं।

दूरसंचार विभाग (DoT) ने संसद की एक खास समिति द्वारा फटकार लगाए जाने के बाद पूछे गए सवालों के जवाब दिए हैं। ET की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी में अभी और वक्त लग सकता है, लेकिन देश में 1 मार्च से रेडियो वेव्ज़ की नीलामी होनी है।

भारत में 5G ट्रायल में हो रही देरी को लेकर विभाग ने देश में जरूरी 5G इकोसिस्टम के अभाव को दोष दिया। हालांकि, विभाग ने आगे यह भी जोड़ा कि 5G ट्रायल में कोई बड़ी बाधाएं नहीं है, जिसके चलते माना जा रहा है कि आने वाले दो से तीन महीनों के अंदर 5G के ट्रायल शुरू हो सकते हैं।

बता दें कि भारत के टेलीकॉम दिग्गज रिलायंस जियो (Reliance Jio) और एयरटेल (Airtel) साल की दूसरी तिमाही में 5G सर्विस की शुरुआत करने का दावा कर चुके हैं। Airtel ने हाल ही में हैदराबाद में 5G का लाइव डेमो भी दिया था। यहां खास बात यह थी कि कंपनी ने नॉन-स्टैंडअलोन (NSA) नेटवर्क टेक्नोलॉजी के जरिए 1800MHz बैंड के साथ मौजूदा स्पेक्ट्रम पर 5G और 4G को एक-साथ ऑपरेट किया है।

Airtel ने दावा किया है कि उनके पास मौजूदा स्पेक्ट्रम पर मिड-बैंड में 5G नेटवर्क को चलाने की क्षमता है। कंपनी का कहना है कि वह 1800MHz, 2100MHz और 2300MHz फ्रीक्वेंसी के साथ-साथ 800MHz और 900MHz पर उपलब्ध सब-गीगाहर्ट्ज़ बैंड पर 5जी नेटवर्क दे सकती है।

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