वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन पर दबाव बनाने के लिए एक और कदम उठाया है। इस देश के लिए सभी अमेरिकी सैन्य सहायता पर रोक लगाने के बाद इसके साथ खुफिया जानकारी साझा करने पर भी रोक लगा दी है।
सीआईए के निदेशक जान रैटक्लिफ ने बुधवार को बताया कि सैन्य सहायता के साथ ही यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करने पर भी रोक लगा दी गई है। यह कदम ट्रंप प्रशासन के रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त कराने के प्रयास के तहत कीव पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है।
अमेरिका के इस कदम से यूक्रेनी सेना की रूसी बलों को निशाना बनाने की क्षमता गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। रैटक्लिफ ने बताया कि ट्रंप ने खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक लगाने के लिए कहा है। इसके बाद कुछ समय के लिए यूक्रेन के साथ खुफिया जानकारी साझा करने पर रोक लगा दी गई है। जबकि ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने कहा कि यह यूक्रेन के लिए चेतावनी है। अगर उसने ट्रंप की शांति योजना में सहयोग नहीं किया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
रूस के राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन ने 2022 में एक कानून पारित किया था, जो इस देश के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन के साथ वार्ता में शामिल होने से रोकता है।
ऐसे में सवाल उठता है कि तीन वर्ष से ज्यादा समय से जारी युद्ध को खत्म करने के लिए संभावित वार्ता में कौन हिस्सा ले सकता है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्रि पेस्कोव ने कहा कि जेलेंस्की के रूसी पक्ष के साथ वार्ता में शामिल होने पर अभी भी कानूनी तौर पर रोक है।
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