लखनऊ। कई दिनों से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ व राज्य के अधिकांश जिलों में लगातार हो रही बारिश की वजह से जनजीवन पूरी तरह से अस्त.व्यस्त हो गया है। आज भी लखनऊ में बदली छायी रही। कहीं कहीं हल्की बारिश भी हुई। वहीं प्रदेश के कई जिलों के हालात बहुत ही खराब हो चुके है। बारिश की वजह से कई जिलों के दर्जनभर गांवों में बारिश का पानी घुस गया है। कल एल्गिन चड़सरी बांध टूटने से गोंडा और बाराबंकी के सैकड़ों गांवों में बाढ़ कहर बरपा रही है। अब उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोंडा में बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे और आदेश जारी करेंगे।
इस बीच बारिश की वजह से वाराणसी, इलाहाबाद, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर और गोंडा में गंगा, यमुना और घाघरा के साथ ही सहायक नदियां उफान पर हैं। इससे इन जिलों में दर्जनभर गांवों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। इस बीच गोंडा में भी एल्गिन चरसड़ी बांध में दरार आने के बाद से वहां के प्रशासन के कान खड़े हो गए हैं। अधिकारियों ने बांध में आई दरार को तुरंत दूर करने का निर्देश जारी किया। गोंडा के प्रभारी मंत्री और सूबे के राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी ने बताया कि गोंडा में प्रवास के दौरान ही एल्गिन चरसड़ी बांध में दरार आने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद ही तुरंत जिले के आला अधिकारियों के साथ देर रात में ही बांध की स्थिति का जायजा लिया और इसकी सूचना मुख्यमंत्री तक पहुंचाई गई।
मौसम विभाग भी लगातार हो रही बारिश और इससे होने वाले हादसों से बचने के लिए लगातार नजर बनाए हुए है और लगातार एलर्ट जारी कर रहा है। उल्लेखनीय है कि मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को राजधानी लखनऊ का न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जबकि अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। लखनऊ के अतिरिक्त शनिवार को वाराणसी का न्यूनतम तापमान 21 डिग्री, कानपुर का 22 डिग्री, इलाहाबाद का 23 डिग्री, झांसी का 23.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उप्र मौसम विभाग के निदेशक जे. पी. गुप्ता के अनुसार, पिछले कई दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश का दौर अभी जारी रहेगा। दिन में कई जगहों पर तेज तो कई जगहों पर सामान्य बारिश होने का अनुमान है। पूर्वांचल के कई जिलों में अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की गई है। उल्लेखनीय है कि झमाझम बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसा नजारा दिख रहा है। वहीं हाल के कुछ दिनों में वर्षाजनित घटनाओं में अब तक करीब 100 लोगों की मौत हो चुकी है।