अटल के अस्थिकलश को श्रद्धांजलि देने उमड़ पड़ा लखनऊ

लखनऊ। आज अपने प्रिय नेता को श्रद्वांजलि देने के लिए पूरा लखनऊ शहर सा उमड़ पड़ा। उल्लेखनीय है कि लखनऊ को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले प्रखर राष्ट्रवादी, सुशासन के प्रणेता विश्व पटल पर भारत का मान बढ़ाने वाले जन नेता भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी का अस्थि कलश 23 अगस्त को राजधानी लखनऊ पहुंचा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय अस्थि कलश लेने दिल्ली गए थे। अस्थि कलश लाने के लिए राज्यपाल राम नाईक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रमुख पदाधिकारी चरण सिंह एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी अमौसी एयरपोर्ट पर मौजूद थे। राजनाथ के साथ सभी नेताओं ने अटलजी को श्रद्धांजलि दी।अस्थि कलशों को एयरपोर्ट पर फूलों से सजे वाहन पर रखा गया और इसे शहर के विभिन्न हिस्सों में ले जाया गया। इससे पहले पूर्व पीएम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के अस्थि कलश को एयरपोर्ट पर सेना और पुलिस के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

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करीब एक घंटे वहां कार्यक्रम के बाद इसके बाद इसे भाजपा प्रदेश मुख्यालय लाया गया। अस्थि कलश को सुरक्षित भाजपा कार्यालय तक पहुंचाने के लिए 25 मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई थी। मजिस्ट्रेट लगातार निगरानी कर रहे थे। अटलजी का अस्थि कलश जैसे ही एयरपोर्ट पहुंचा वैसे ही भारी बारिश होने लगी। अटलजी को श्रद्धांजलि देने के लिए हजारों की भीड़ मौजूद थी। सभी यही कह रहे थे कि अटलजी को श्रद्धांजलि देने के लिए भगवान की भी आंखे नम हो गई और बारिश हो गई। अस्थि कलश यात्रा अमौसी एयरपोर्ट से कानपुर रोड होते हुए अवध, आलमबाग, टेढ़ी पुलिया, मवैया, चारबाग, बांसमंडी, लालकुआं, महाराणा प्रताप चैराहा, बर्लिंग्टन और बापू भवन होते हुए भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचा। यहां पर भाजपा कार्यकर्ताओं और आम लोगों के दर्शन के लिए रखा गया।

 

 

 

इसके बाद अटल जी की अस्थि कलश यात्रा नावेल्टी चैराहे, मेफेयर तिराहा होते हुए सुभाष चैराहा (परिवर्तन चैक) पहुंची। यहां से अस्थि कलश यात्रा झूलेलाल वाटिका पहुंचा। यहां पर पहले से ही भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। हालांकि मूसलाधार बारिश से पंडाल में पानी भर गया था। लेकिन फिर भी अटल के चाहने वालों का हौसला अडिग रहा। यहां अटलजी की अस्थियां गोमती नदी में विसर्जित की गईं। बता दें कि राजधानी के जिन विधानसभा क्षेत्रों से होकर अटलजी की अस्थिकलश यात्रा गुजरी, उधर के स्थानीय विधायक और नेतागण अस्थिकलश को अपने नेतृत्व में आगे बढ़ा रहे थे। वहीं अस्थिकलश यात्रा के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था के लिए पुलिस ने व्यवस्था की थी।

 

 

 

वहीं श्रद्धान्जली देने वालों के लिए पेयजल की व्यवस्था की गई थी। अटलजी की अस्थिकलश के अंतिम दर्शन के लिए लोगों का हुजूम छतों पर उमड़ रहा था। अपने चाहते नेता के अस्थि कलश को देखने के लिए पूरे रास्ते भर लोग बेताब दिख रहे थे। इस अलौकिक छण को कैद करने के लिए सभी अपने मोबाईल फोन से सेल्फी ले रहे थे, वहीं वीडियो भी बना रहे थे। उत्तर प्रदेश भाजपा मुख्यालय से इन अस्थि कलशों को प्रमुख नदियों (गंगा, यमुना, सरयू, राप्ती, गोमती, मंदाकिनी और सोत) में प्रवाहित करने के लिए आगरा, इलाहाबाद, अयोध्या, कानपुर, जौनपुर, मीरजापुर, इटावा, फरुखाबाद, फतेहगढ़, कन्नौज, गोरखपुर, बदायूं, चित्रकूट और गढ़मुक्तेश्वर भेजा गया। हर कलश के साथ एक मंत्री और पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे। रास्ते में पड़ने वाले सभी जिलों में कलश को लोगों की श्रद्धांजलि देने के लिए रखा गया था।

कल लखनऊ से अमेठी के लिए रवाना होगी ‘अटल अस्थि कलश यात्रा’

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन को एक सप्ताह से ज्यादा का वक्त बीत चुका है. अटलजी के निधन के बाद भारतीय जनता पार्टी नहे ऐतिहासिक श्रद्धांजलि देते हुए उनकी अस्थियों को देश के अलग-अलग क्षेत्रों में प्रमुख नदियों में विसर्जित कर रही है. इसे अटल अस्थि कलश यात्रा का नाम दिया गया है. इसी कड़ी में अमेठी के लिए प्रदेश उपाध्यक्ष कौशलेंद्र सिंह पटेल और अनिल राजभर के नेतृत्व में अस्थि कलश यात्रा प्रातः 9.00 बजे जनपद को प्रस्थान। इस यात्रा में अटलजी के चाहने वालों के भारी संख्या में जुटने की उम्मीद जताई जा रही है.अस्थि कलश को पार्टी कार्यालय भी ले जाया जाएगा जहाँ पार्टी के कार्यकर्ता और नेता अटलजी को श्रद्धांजलि देंगे. बता दे की अटल अस्थि कलश यात्रा अमेठी से होते हुये प्रतापगढ़, भदोही और फिर मिर्जापुर के लिए प्रस्थान करेगी।

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