आजमगढ़ः जिला जेल की तलाशी लेने पहुंची टीम, गुल हो गयी बत्ती

आजमगढ़। जिला कारागार में रविवार की रात को छापेमारी के दौरान अचानक बत्ती गुल हो गई। इससे जेल की बैरकों में अंधेरा छा जाने के चलते फोर्स संग छापेमारी के लिए आए अधिकारी मायूस होकर लौट गए। ऐनवक्त पर बिजली कट जाने पर लोग इसके पीछे जेल अधिकारियों व कर्मियों पर शंका जता रहे हैं, जबकि जेल अधीक्षक का कहना है कि रो¨स्टग के तहत बिजली कट गई थी। प्रदेश के प्रमुख सचिव गृह अर¨वद कुमार के निर्देश पर आजमगढ़ समेत प्रदेश के अन्य अति संवेदनशील जेलों में रविवार की रात को दूसरे जिलों के अधिकारी व पुलिस फोर्स के साथ छापेमारी करने का निर्देश मंडलायुक्त को दिया गया था।

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मंडलायुक्त जगत राज ने मऊ जिले के अधिकारियों को आजमगढ़ जेल में छापेमारी का आदेश दिया। मंडलायुक्त के आदेश पर मऊ जिले के एडीएम, एएसपी के नेतृत्व में एसडीएम, दो सीओ संग पुलिस व पीएसी के जवानों ने रविवार की रात को लगभग सात बजे आजमगढ़ जेल पर पहुंच कर आकस्मिक छापेमारी शुरू की। सूत्रों का कहना है कि जेल के अंदर चल रही छापेमारी से बंदियों व बंदी रक्षकों के साथ ही जेल अधिकारियों के बीच खलबली मच गई। पुलिस फोर्स संग अधिकारी बैरकों के साथ ही बंदियों की तलाशी ले रहे थे कि रात लगभग सवा आठ बजे अचानक जेल की बिजली गुल हो गई।

बिजली कटते ही जेल के बैरकों व परिसर में अंधेरा छा गया। जेल अधिकारियों ने जेनरेटर चालू करने का आदेश दिया। लगभग 10 मिनट बाद जेनरेटर तो चालू हुआ, लेकिन उससे सिर्फ जेल परिसर में लगे हाईमास्ट लाइट ही जल सके, जबकि बैरकों की लाइटें नहीं जलने से अंधेरा छाया रहा। अंधेरे के चलते मऊ जिले से आए अधिकारी बैरकों की पूरी तलाशी नहीं ले सके। इससे उन्हें मायूस होकर ही आधे अधूरे तलाशी के बाद लौट जाना पड़ा। बिजली के अचानक गुल होने के पीछे कुछ लोगों का कहना है कि जेल के अधिकारी व कर्मचारियों की इसमें साजिश थी। इसके चलते लाइट काट दी गई और जेनरेटर से भी बैरकों में लाइट चालू नहीं की गई।

इटौरा जिला कारागार की लाइट ग्रामीण फीडर से जुड़ा है। इससे अक्सर ही जेल की लाइट गायब रहती है। छापेमारी जब चल रही थी तो रो¨स्टग के तहत बिजली चली गई। जेल में लगे जेनरेटर 25 केवी की क्षमता के हैं। इस जेनरेटर से सिर्फ हाईमास्ट लाइट को ही बिजली मिल पाती है, जबकि बैरकों को बिजली नहीं उपलब्ध हो पाती है। जेल में जो सोलर पैनल लगा है वह जैमर चलाने के लिए भी कम क्षमता का है। बिजली कटने के मामले में जेल के अधिकारी व कर्मचारियों की कहीं कोई साजिश नहीं है।

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