तिरुवनंतपुरम । भगवान का अपना घर कहा जाने वाला केरल इन दिनों भयानक जलप्रलय से जूझ रहा है। कई दिनों से हो रही जोरदार बारिश से आधे से ज्यादा केरल टापू बना दिख रहा है। हालांकि अब हालत ठीक होना शुरू हो गये है और वाटर लेवल भी गिरता दिखाई दे रहा है। वही राहत काम अंजाम देने केरल न पहुंच पाने वाले धरती के कुछ फरिश्तों (डाक्टरों) ने एक नया तरीका निकाला है। उल्लेखनीय है कि केरल बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए फेसबुक का माध्यम से डॉक्टरों की टीम सक्रिय है। यहां बाढ़ से लगभग तीन लाख लोग प्रभावित हैं और राज्य में बनाए गए 3000 राहत कैंपों में रहने को मजबूर हैं। राहत कैंपों में रह रहे लोगों की मदद के लिए डॉक्टरों के एक ग्रुप ने फेसबुक का सहारा लेना शुरू किया है। ये डॉक्टर फेसबुक के माध्यम से लोगों को मेडिकल असिस्टेंस के साथ-साथ साफ-सफाई रखने की सलाह दे रहे हैं। मोबाइल डिस्पेंसरी, नीलांबूर के जन स्वास्थ्य अधिकारी अवस्थी सोमन ने दुनियाभर में रह रहे 10 डॉक्टरों को इकट्ठा किया है। ये सभी डॉक्टर्स बारी-बारी से हेल्थकेयर ऑनलाइन नामक फेसबुक पेज पर लोगों को चिकित्सा सहायता देते हैं और स्वास्थ्य से जुड़े अन्य विषयों पर उनके सवालों का जवाब देते हैं।
न्यूज 7 एक्सप्रेस को फोन पर इस बारे में जानकारी देते हुए सोमन इस बारे में कहते हैं, यह ऑनलाइन इलाज के लिए कोई फोरम नहीं है। राहत कैंपों के हालात ऐसे हैं कि वहां मेडिकल असिस्टेंस के पर्याप्त साधन नहीं है। लोगों की दवाइयां उनके बाढ़ प्रभावित घरों में छूट गई हैं। हम यही कोशिश कर रहे हैं कि जहां डॉक्टरों की कमी है, उन लोगों की मदद की जा सके। यह एक छोटा प्रयास है लेकिन हम लोगों की मदद कर रहे हैं। लोग हमें इस पेज के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। बता दें कि 10 किलोमीटर पैदल चलकर आदिवासी इलाके में इलाज करने जाने को लेकर सोमन काफी चर्चित हो चुके हैं। सोमन की इस टीम में ऑर्थो, गायनकोलॉजी और सामान्य चिकित्सा के ऐसे डॉक्टर हैं, जो यूके, यूएई समेत दुनिया के कई हिस्सों में फैले हुए हैं। सोमन कहते हैं, हम रेस्क्यू का काम तो बहुत बढ़िया कर रहे हैं लेकिन इसके बाद का काम काफी चुनौतीपूर्ण है, इसमें हमें काफी दिक्कतें आ रही हैं। लोग कैंपों में काफी परेशान हो रहे हैं। ऐसे में अगर कई डायबिटीज या ऐसी समस्या से परेशान है और उसके पास दवा नहीं है तो उसके लिए मुश्किल हो रही है।
उल्लेखनीय है कि इन डाक्टरों ने इस बेमिसाल तरीके के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस टीम के लोगों ने समय बांट रखा है, बारी-बारी से डॉक्टर्स उपलब्ध रहते हैं। अपनी ड्यूटी के बाद के घंटों में ये लोग अतिरिक्त काम करके बाढ़ पीड़ितों की मदद करते हैं। टीम के लोग कहते हैं कि सब बाढ़ प्रभावितों तक पहुंच पाना आसान नहीं है इसलिए फेसबुक के माध्यम से काम करने का फैसला किया गया। मेसेज के अलावा टीम के लोग वीडियो बनाकर भी लोगों की मदद कर रहे हैं, जिससे वे अपने आसपास सफाई रखें और स्वस्थ रहें। उल्लेखनीय है कि सेना और अन्य राहत दस्ते लगातार राहत काम कर रहे है। वह बाढ़ में फंसे लोगों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ ही उनके खाने पीने का भी इंतजाम कर रहे है।