लखनऊ। मौजूदा पुलिस कारकर्दगी से नाराज योगी हुकूमत ने आज सूबे के पूलिस अमले में बड़ा फेरबदल करते हुए तीस आईपीएस और इक्कीस पीपीएस और 36 पीसीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए। मंगलवार को 36 सीनियर पीसीएस अफसरों के तबादले के बाद देर शाम को 30 आईपीएस और 21 पीपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया गया है, जिसके बाद अफसरों की लिस्ट जारी कर दी गई। इससे पहले 25 अगस्त को सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 57 पीसीएस अफसरों के तबादले किए थे। प्रशासन ने अनन्त देव को एसएसपी कानपुर, अखिलेश कुमार एसएसपी मेरठ, सुधीर कुमार सिंह एसएसपी मुजफरनगर और अखिलेश चैरसिया को एसएसपी फैजाबाद की कमान सौंपी है।
इधर पीपीएस अफसरान में काफी अरसे से साइड पोस्टिंग पर चल रहे बीपी अशोक को बतौर एएसपी क्राइम मेरठ बनाकर भेजा गया है। पीपीएस अधिकारी हबीबुल हसन को एएसपी ईओडब्ल्यू लखनऊ भेजा गया है। वहीं पीसीएस अधिकारियों में शासन ने एटा केएडीएम न्यायिक राम अरज को राजधानी का एडीएम भूमि अध्याप्ति बनाया है। लखनऊ में एडीएम भूमि अध्याप्ति राम केवल तिवारी को राजधानी में ही एडीएम न्यायिक बना दिया गया है।
इसके अलावा आजमगढ़, जौनपुर, कानपुर देहात व कुशीनगर में नए मुख्य विकास अधिकारी की तैनाती की गई है। अंबेडकरनगर में एसडीएम सुरेश चंद्र शर्मा को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय का नया कुलसचिव बनाया गया है। अपर आयुक्त आगरा रवींद्र पाल सिंह को नगर निगम फिरोजाबाद का नगर आयुक्त बनाया है।
शासन ने अपर आयुक्त, एडीएम, नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम सहित फील्ड के तमाम पदों पर अफसरों को इधर से उधर किया है। संयुक्त सचिव नियुक्ति धनंजय शुक्ल ने अफसरों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के लिए निर्देशित किया है। मतदाता पुनरीक्षण अभियान एक सितंबर से शुरू होगा।