न्यूज 7 एक्सप्रेस ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश चन्द्र पाण्डेय (55) की मंगलवार दोपहर हाईकोर्ट की चौथी मंजिल से संदिग्ध हालात में गिरकर मौत हो गई। इससे परिसर में हड़कम्प मच गया। शोर-शराबा होने पर अधिवक्ताओं ने सुरक्षा कर्मियों की मदद से उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना की खबर फैलते ही हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश व तमाम वरिष्ठ अधिवक्ता अस्पताल पहुंचे। परिचितों के मुताबिक रमेश बीते कुछ दिनों से डिप्रेशन में थे। इससे पुलिस मामले को खुदकुशी से जोड़ कर देखने लगी। पर, वकीलों ने रमेश चन्द्र पाण्डेय की मौत को साजिश के तहत कराई गई हत्या करार दिया। वकीलों ने मामले में न्यायिक जांच की मांग की है।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश चन्द्र पाण्डेय गोमतीनगर के विशेषखण्ड-4 में पत्नी अल्पिका पाण्डेय व बेटों यश और पलाश के साथ रहते थे। 7 जुलाई 2017 को वह राज्य के मुख्य स्थायी अधिवक्ता नियुक्त हुए थे। इस वर्ष 19 जुलाई को उन्होंने पद से इस्तीफा दे दिया था। रोजाना की तरह मंगलवार को भी वह विभूतिखण्ड में न्यू हाईकोर्ट कैंपस के सी-ब्लॉक में स्थित अपने चैम्बर आए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोपहर को लंच के बाद वह बिल्डिंग के चौथे तल पर अपने जूनियर वकील के चैम्बर नंबर 323 में गए थे। वहां से निकलने के बाद वह कॉरीडोर के छज्जे की तरफ आए और संदिग्ध परिस्थितियों में वहां से नीचे गिर गए। यह देख परिसर में अफरातफरी मच गई।
सी-ब्लॉक में मौजूद वकील भागकर मौके पर पहुंचे और रमेश चन्द्र पाण्डेय को गोद में उठाने की कोशिश की। लेकिन, उनके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। इस पर वकीलों ने सुरक्षा कर्मियों को सूचना दी जिसके बाद आननफानन में उन्हें अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल में वकीलों का मजमा लगा
हाईकोर्ट परिसर में पूर्व मुख्य स्थायी अधिवक्ता रमेश चन्द्र पाण्डेय की मौत की सूचना मिलते ही एएसपी नॉर्थ विक्रांत वीर, सीओ गोमतीनगर चक्रेश मिश्रा व इंस्पेक्टर विभूतिखण्ड मथुरा राय फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उधर, घटना की खबर फैलते ही लोहिया अस्पताल में अधिवक्ताओं की भीड़ जुटने लगी। हाईकोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ, अब्दुल मुईन और शबीहुल हसनैन भी अस्पताल पहुंचे और घटना का ब्योरा लिया।
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