मुजफ्फरपुर। पूरे देश में तहलका मचा देने वाले मुजफ्फरपुर शेल्टर होम मामले में सीबीआई ने आज दिन भर ताबड़तोड़ छापे मारे और सबूत जुटाए। उल्लेखनीय है कि बिहार सरकार की एक पूर्व मंत्री के मुजफ्फरपुर में स्थित शेल्टर होम में लड़कियों और महिलाओं से देह व्यापार कराने का आरोप है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के आवासों के साथ चार जिलों में लगभग एक दर्जन ठिकानों पर छापेमारी की। अधिकारियों ने बताया कि मुजफ्फरपुर में सात ठिकानों पर छापेमारी की गई जिनमें मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर का एक होटेल के साथ उसके कुछ मित्रों और रिश्तेदारों के आवास शामिल हैं। सीबीआई की टीम ने ब्रजेश ठाकुर के एनजीओ की गतिविधियों में करीब से जुड़ी रही और फरार चल रही मधु कुमारी के घर पर भी छापेमारी की।
सूत्रों से न्यूज 7 एक्सप्रेस को मिली जानकारी के अनुसार जांच एजेंसी ने मुजफ्फरपुर जिले के पंचडाहा गांव स्थित ठाकुर के पैतृक आवास पर भी छापा मारा। मामले में आरोपी और मुजफ्फरपुर में जिला बाल संरक्षण अधिकारी के रूप में पदस्थ रहे रवि रौशन के मोतिहारी स्थित आवास पर भी छापेमारी की गई। मामले में रौशन गिरफ्तार हो चुका है। रौशन की पत्नी ने जांच के दौरान मुजफ्फरपुर में ठाकुर के एनजीओ द्वारा संचालित आश्रय गृह में 34 लड़कियों के यौन शोषण मामले में पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति चंद्रेश्वर प्रसाद वर्मा का नाम लिया था। उसने आरोप लगाया था कि वर्मा का पति आश्रय गृह में अक्सर जाता था।
उल्लेखनीय है कि इस मामले ने बिहार की राजनीति में भूचाल ला दिया था और विपक्षी पार्टियों ने एक राय होकर बिहार की नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोल दिया था। पूर्व मंत्री मंजू वर्मा के पति से ठाकुर की इस साल जनवरी से लेकर जून तक 17 बार बात करने के इस खुलासे के बाद समाज कल्याण मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। सीबीआई के अधिकारी शुक्रवार सुबह दो कारों में पटना के स्ट्रैंड रोड स्थित वर्मा के आवास पहुंचे और वहां की गहन तलाशी ली। एजेंसी ने बेगूसराय के चेरिया बरियारपुर स्थित उनकी ससुराल के घर पर भी छापेमारी की। मंजू वर्मा चेरिया बरियारपुर विधानसभा क्षेत्र से ही विधायक हैं। पटना में अन्य जिन स्थानों पर छापेमारी की गई, उनमें बुद्ध मार्ग स्थित ठाकुर के हिन्दी दैनिक ‘प्रात: कमल’ का कार्यालय और समाज कल्याण विभाग से जुड़े एक काउंसलर का पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित घर भी शामिल है। इस बाबत सीबीआई के उच्च अधिकारियों से अभी बात नहीं हो पायी है।